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जीभ की सफाई और हार्ट हेल्थ: क्या सच में है सीधा संबंध?

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केवल दांतों की सफाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीभ की सफाई भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पोस्ट में कहा गया है कि जीभ […]

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  • July 8, 2026 6:30 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केवल दांतों की सफाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीभ की सफाई भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पोस्ट में कहा गया है कि जीभ पर जमा बैक्टीरिया रक्त के माध्यम से हृदय की धमनियों तक पहुंचकर रुकावट पैदा कर सकते हैं। इस दावे ने लोगों के बीच जिज्ञासा बढ़ा दी है कि क्या वास्तव में ओरल हाइजीन और हृदय स्वास्थ्य के बीच कोई सीधा संबंध है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस विषय को समझने के लिए वैज्ञानिक तथ्यों पर ध्यान देना जरूरी है।

क्या कहता है वायरल दावा?

वायरल पोस्ट के अनुसार, यदि व्यक्ति केवल दांत साफ करता है और जीभ की सफाई नहीं करता, तो जीभ पर मौजूद बैक्टीरिया शरीर के भीतर जाकर हृदय को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पोस्ट में यह भी सलाह दी गई है कि दिन में दो बार ब्रश करें, टंग स्क्रैपर का उपयोग करें और कुल्ला करना न भूलें। हालांकि पोस्ट के अंत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है और किसी भी बीमारी के उपचार का विकल्प नहीं है।

वैज्ञानिक शोध क्या बताते हैं?

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, खराब ओरल हाइजीन और हृदय रोगों के बीच संबंध पर कई शोध किए जा चुके हैं। विभिन्न अध्ययनों में पाया गया है कि मसूड़ों की बीमारी (गम डिजीज) से पीड़ित लोगों में हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है। इसका कारण यह माना जाता है कि मुंह में मौजूद कुछ प्रकार के बैक्टीरिया शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ा सकते हैं, जो समय के साथ रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि अभी तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो यह साबित करता हो कि केवल जीभ साफ न करने से सीधे हार्ट अटैक हो जाता है। इसलिए सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।

जीभ की सफाई क्यों है जरूरी?

डेंटल विशेषज्ञ बताते हैं कि जीभ की सतह पर भोजन के कण, मृत कोशिकाएं और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। यदि इन्हें नियमित रूप से साफ नहीं किया जाए तो सांसों की दुर्गंध, स्वाद में कमी और मुंह की अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

जीभ की नियमित सफाई से—

मुंह में बैक्टीरिया की संख्या कम होती है।

सांसों की दुर्गंध में कमी आती है।

स्वाद महसूस करने की क्षमता बेहतर होती है।

संपूर्ण ओरल हाइजीन में सुधार होता है।

इसलिए दांतों के साथ-साथ जीभ की सफाई भी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होनी चाहिए।

हार्ट हेल्थ पर ओरल हाइजीन का प्रभाव

हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में लगातार बनी रहने वाली सूजन कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। यदि मसूड़ों में संक्रमण लंबे समय तक बना रहे तो इससे सूजन संबंधी रसायन रक्त में बढ़ सकते हैं। यही कारण है कि अच्छी ओरल हाइजीन को समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि हार्ट अटैक केवल ओरल हाइजीन पर निर्भर नहीं करता। इसके पीछे धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, असंतुलित खानपान, तनाव और आनुवंशिक कारण जैसी कई महत्वपूर्ण वजहें होती हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

दंत चिकित्सकों का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए कुछ सामान्य आदतों को अपनाना बेहद जरूरी है—

दिन में कम से कम दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें।

रोजाना टंग स्क्रैपर से जीभ साफ करें।

भोजन के बाद कुल्ला करने की आदत डालें।

रोजाना फ्लॉस का उपयोग करें।

हर छह महीने में एक बार डेंटिस्ट से जांच कराएं।

अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों और तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाए रखें।

इन आदतों से न केवल मुंह स्वस्थ रहता है बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

सोशल मीडिया की जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा न करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया जागरूकता बढ़ाने का अच्छा माध्यम है, लेकिन वहां साझा की जाने वाली हर जानकारी वैज्ञानिक रूप से सही हो, यह जरूरी नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह को अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर या डेंटिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को मसूड़ों से खून आना, लगातार बदबू आना, दांत हिलना या मुंह में संक्रमण जैसी समस्याएं हैं, तो उसे स्वयं इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

जीभ की सफाई अच्छी ओरल हाइजीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे मुंह में बैक्टीरिया कम करने, सांसों की दुर्गंध दूर करने तथा दंत स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। वैज्ञानिक शोध यह संकेत जरूर देते हैं कि खराब ओरल हेल्थ और हृदय रोगों के बीच कुछ संबंध हो सकता है, लेकिन यह कहना कि केवल जीभ साफ न करने से हार्ट अटैक हो जाएगा, वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर सही नहीं माना जा सकता। इसलिए संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और अच्छी ओरल हाइजीन अपनाकर ही हृदय और पूरे शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।

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