नई दिल्ली: रोहिणी सेक्टर-16 में दो इमारतों के गिरने की दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य संपन्न होने के साथ ही नगर निगम (MCD) ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। निगम ने भवन का नक्शा और मजबूती से जुड़ा हलफनामा देने वाले वास्तुकार व स्ट्रक्चर इंजीनियर को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई आरंभ कर दी है [cite: रोहिणी सेक्टर-16 में दो इमारतों के गिरने के मामले में राहत व बचाव अभियान खत्म होने के बाद एमसीडी ने नक्शा पास करने वाले वास्तुकार और स्ट्रक्चर इंजीनियर को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।]।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमसीडी की सरल योजना के तहत सार्थक गर्ग नामक स्ट्रक्चर इंजीनियर ने इमारत की मजबूती और उसकी देखरेख को लेकर आधिकारिक हलफनामा सौंपा था [cite: सूत्रों के मुताबिक एमसीडी से सरल स्कीम के तहत सार्थक गर्ग स्ट्रक्चर इंजीयनिर ने बिल्डिंग की मजबूती और देखरेख का हलफनामा दिया था।]। इस गंभीर हादसे के सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने उन्हें ब्लैक लिस्ट करने का निर्णय लिया है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि इस बात की गहराई से जांच की जा रही है कि नक्शा स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य कब और किस प्रकार आगे बढ़ा, तथा एमसीडी के वॉर्ड रजिस्टर में इसका क्या विवरण दर्ज किया गया था। अधिकारियों का यह भी मानना है कि चूंकि स्ट्रक्चर इंजीनियर की प्राथमिक और मुख्य जिम्मेदारी एक मजबूत और सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करने की होती है, इसलिए इस दुर्घटना के मद्देनजर यह कार्रवाई अनिवार्य है [cite: अधिकारी भी यह मान रहे हैं घटना चाहे जैसे भी हुई हो चूंकि स्ट्रक्चर इंजीनियर की प्राथमिक जिम्मेदारी मजबूत निर्माण की थी इसलिए उसे तो ब्लैक लिस्ट तो किया ही जाएगा।]।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों सटे हुए भूखंडों (प्लॉट) पर निर्माण के लिए भवन मानचित्र 21 मार्च और 10 अप्रैल 2025 को ‘सरल योजना’ के प्रावधानों के तहत मंजूर किए गए थे [cite: अधिकारियों के मुताबिक, दोनों सटे हुए प्लाटों पर बनने वाली इमारतों के भवन नक्शे 21 मार्च और 10 अप्रैल 2025 को सरल योजना के तहत मंजूर किए गए थे।]। ज्ञात हो कि वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य 105 वर्गमीटर तक के छोटे आवासीय भूखंडों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया को सुगम बनाना है, जिसमें पैनलबद्ध आर्किटेक्ट या इंजीनियर आवश्यक दस्तावेजों व शुल्क के आधार पर ऑनलाइन नक्शा स्वीकृत कराते हैं [cite: वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य 105 वर्गमीटर तक के छोटे आवासीय प्लाटों के लिए भवन स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाना था। इसमें पैनल में शामिल आर्किटेक्ट या इंजीनियर दस्तावेजों और आवश्यक शुल्क के आधार पर आनलाइन नक्शा स्वीकृत कराते हैं।]।