आजमगढ़ के BSA राजीव पाठक ने शिक्षा व्यवस्था को दी नई दिशा

आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राजीव पाठक पिछले कई वर्षों से जिले की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षा विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों […]

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  • July 18, 2026 3:00 pm IST, Published 2 hours ago

आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राजीव पाठक पिछले कई वर्षों से जिले की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षा विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों पर देखने को मिल रहा है। हाल ही में उन्हें लगातार तीसरे वर्ष भी बेसिक शिक्षा अधिकारी के रूप में दायित्व मिलने पर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

राजीव पाठक के नेतृत्व में विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, शिक्षक उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका मानना है कि प्राथमिक शिक्षा किसी भी छात्र के भविष्य की मजबूत नींव होती है और इसी स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करना सबसे अधिक आवश्यक है।

बीएसए राजीव पाठक समय-समय पर शिक्षकों के साथ बैठक कर उन्हें नवीन शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल शिक्षा और छात्र-केंद्रित शिक्षण के लिए प्रेरित करते रहे हैं। इसके साथ ही विद्यालयों में साफ-सफाई, नामांकन बढ़ाने, छात्र उपस्थिति और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

उनके कार्यकाल में शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई प्रशासनिक कदम भी उठाए गए हैं। हाल के महीनों में मानव संपदा पोर्टल पर एक से अधिक आईडी के मामले सामने आने पर उन्होंने जांच कराई, संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी किए और स्पष्ट किया कि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि राजीव पाठक कार्यशैली में अनुशासन और संवाद दोनों को महत्व देते हैं। वे विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान केवल कमियां ही नहीं बताते, बल्कि उनके समाधान के लिए भी आवश्यक निर्देश और सहयोग उपलब्ध कराते हैं।

जनपद के अभिभावकों और शिक्षकों का भी मानना है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हाल ही में बीएसए कार्यालय में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे विभागीय प्रक्रियाओं को गति मिली और नए शिक्षकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्राथमिक शिक्षा मजबूत होगी तो उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों का प्रदर्शन भी बेहतर होगा। इसी सोच के साथ आजमगढ़ का बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

राजीव पाठक का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सामूहिक सहयोग से संभव है। इसी उद्देश्य के साथ विभाग लगातार विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने और प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

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