अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद जिले के वस्त्राल क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 3 बच्चे भी शामिल हैं, जबकि करीब 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज एलजी अस्पताल और असरवा सिविल अस्पताल में चल रहा है।
यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे रामोल-गटराड रोड स्थित महमूदपुरा टैलेंट के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और शेड के टीन-पतरे दूर-दूर तक जा गिरे।
हादसा स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का कैंप स्थित है। धमाके की आवाज सुनते ही RAF के जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दमकल विभाग और एम्बुलेंस की टीमों ने भी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
हादसे के समय फैक्ट्री में लगभग 25 लोग काम कर रहे थे, जिनमें कुछ मजदूरों के बच्चे भी मौजूद थे। विस्फोट के कारण कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए और कुछ मलबे में दब गए।
पुलिस के अनुसार फैक्ट्री का संचालन मेहुल डोडिया कर रहा था। जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद यहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। खुले मैदान में तिरपाल और अस्थायी शेड लगाकर आतिशबाजी तैयार की जा रही थी।
पुलिस ने फैक्ट्री मालिक मेहुल डोडिया को हिरासत में ले लिया है। हादसे में उसकी मां रमीला डोडिया भी घायल हुई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कैसे हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं, गुजरात सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और अवैध पटाखा फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।