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चारधाम यात्रा पर बड़ा असर, उत्तराखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा को भी प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि छह अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। खराब मौसम, लगातार वर्षा और […]

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Gauravshali Bharat News
  • July 30, 2026 11:23 pm IST, Published 44 minutes ago

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा को भी प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि छह अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। खराब मौसम, लगातार वर्षा और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

प्रशासन के अनुसार, चारधाम यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। विशेष रूप से रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग में यात्रियों को ठहराया गया है ताकि मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाई जा सके। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा।

मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इसके चलते कई स्थानों पर भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं येलो अलर्ट वाले जिलों में भी लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रा पर पड़ा बड़ा असर

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है। लेकिन इस बार लगातार खराब मौसम ने यात्रा को प्रभावित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा केवल अस्थायी रूप से रोकी गई है और मौसम अनुकूल होते ही इसे दोबारा शुरू किया जाएगा।

यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन तथा मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाएं।

सोनप्रयाग में यात्रियों को सुरक्षित रोका गया

रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। प्रशासन द्वारा भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार हैं।

भारी बारिश से कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित

लगातार बारिश के कारण कई पर्वतीय मार्गों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर सड़कें बाधित हुई हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

स्कूलों में अवकाश घोषित

भारी बारिश को देखते हुए बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है।

यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है तो अन्य जिलों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया जा सकता है।

सोनप्रयाग में दर्ज हुई भारी वर्षा

मौसम विभाग के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग क्षेत्र में लगभग 136.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी कर रहा है।

यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की सलाह

मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।

चारधाम यात्रा पर जाने से पहले मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा सूचना अवश्य देखें।

नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।

किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।

सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।

स्थिति पर लगातार नजर

राज्य सरकार, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राहत एवं बचाव दल संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम में सुधार होते ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे संयम बरतें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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