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बांकीपुर हार के बाद जुबानी जंग, मनोज तिवारी ने पीके को घेरा

पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी और जन सुराज के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते […]

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  • August 6, 2026 5:20 pm IST, Published 1 hour ago

पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी और जन सुराज के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी भाषा और राजनीतिक शैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं उन्होंने चुनावी जनादेश का सम्मान करने की बात भी दोहराई।

एक निजी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद किसी भी जनप्रतिनिधि के व्यवहार और भाषा से उसके राजनीतिक संस्कारों का पता चलता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और भाजपा चुनाव परिणाम का सम्मान करती है, लेकिन राजनीतिक संवाद की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने प्रशांत किशोर के बयान सुने हैं और उनकी भाषा से वे सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा का उपयोग होना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसी नेता की पहचान केवल उसकी जीत से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और संवाद शैली से भी होती है।

बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने भरत तिवारी प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने गए थे और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। भाजपा सांसद का दावा है कि बाद में उसी मुद्दे को लेकर उन पर आरोप लगाए गए, जबकि वास्तविकता अलग है।

मनोज तिवारी ने कहा कि भाजपा ने संबंधित परिवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने में सहयोग किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने मामले में प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की और आरोपी के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए गए।

भाजपा सांसद के अनुसार, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में संबंधित एसडीएम और डीएसपी को निलंबित किया गया है। साथ ही गोली चलाने के आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की।

मनोज तिवारी ने कहा कि यदि किसी को यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं लगती, तो वह अपनी राय रख सकता है, लेकिन तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कानून अपना काम कर रहा है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। प्रशांत किशोर की जीत को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों अपने-अपने राजनीतिक संदेश देने में जुटे हैं। जन सुराज इसे जनता के भरोसे की जीत बता रहा है, जबकि भाजपा हार के कारणों की समीक्षा के साथ-साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब भी दे रही है।

बिहार में आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की बयानबाजी और तेज हो सकती है। सभी दल अपने-अपने समर्थकों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने में लगे हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसका असर भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर भी देखने को मिल सकता है।

 

 

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