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थाने की चारदीवारी से गायब हुआ 18 चक्का ट्रक, मचा हड़कंप

बिहार : बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस थाने की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां मुफस्सिल थाना परिसर में खड़ा एक 18 चक्का ओवरलोड ट्रक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। खास बात यह है कि जिस वाहन को पुलिस की निगरानी […]

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  • August 10, 2026 7:30 pm IST, Published 1 hour ago

बिहार : बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस थाने की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां मुफस्सिल थाना परिसर में खड़ा एक 18 चक्का ओवरलोड ट्रक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। खास बात यह है कि जिस वाहन को पुलिस की निगरानी में थाना परिसर में खड़ा किया गया था, उसके अचानक गायब होने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी गाड़ी थाना परिसर से बाहर कैसे निकल गई?

सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह मामला मुफस्सिल थाना परिसर से जुड़ा है। बताया गया है कि खनन विभाग की कार्रवाई के बाद ट्रक को थाने में जब्त कर खड़ा कराया गया था। ट्रक पर कथित तौर पर 11 लाख 18 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। करीब एक महीने तक वाहन थाना परिसर में खड़ा रहा, लेकिन इसके बाद अचानक उसके गायब होने की बात सामने आई।

खनन विभाग ने जब्त किया था ट्रक

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित 18 चक्का ट्रक पर खनन विभाग की कार्रवाई हुई थी। वाहन को जब्त किए जाने के बाद उसे पुलिस थाना परिसर में खड़ा कराया गया था। इस तरह के मामलों में जब्त वाहन पुलिस या संबंधित विभाग की निगरानी में रखे जाते हैं, ताकि कार्रवाई पूरी होने तक वाहन सुरक्षित रहे।

मामले में बताया गया है कि ट्रक पर करीब 11 लाख 18 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद वाहन को थाना परिसर में रखा गया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था और ट्रक करीब एक महीने तक वहीं खड़ा रहा। लेकिन अचानक जब ट्रक थाना परिसर से गायब मिला तो पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

थाना परिसर से निकला कैसे?

इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आम तौर पर थाना परिसर को सुरक्षित स्थान माना जाता है। यहां पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रहती है और जब्त वाहनों को भी निगरानी में रखा जाता है। ऐसे में 18 चक्कों वाला भारी-भरकम ट्रक अगर थाना परिसर से बाहर निकल गया तो उसे किसी ने देखा क्यों नहीं?

सबसे अहम सवाल यह है कि ट्रक को थाना परिसर से बाहर ले जाने की अनुमति किसने दी? क्या वाहन को बाहर निकालने के लिए कोई कागजात या आदेश जारी हुआ था? क्या ट्रक को ले जाने वाले व्यक्ति के पास कोई वैध अनुमति थी? या फिर किसी ने सुरक्षा व्यवस्था का फायदा उठाकर वाहन को बाहर निकाल लिया? इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

एक महीने तक थाने में खड़ा रहा ट्रक

इस मामले को और भी चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रक करीब एक महीने तक थाना परिसर में खड़ा बताया जा रहा है। इतने लंबे समय तक वहां रहने के बाद अचानक वाहन का गायब हो जाना कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है।

अगर ट्रक नियमित रूप से पुलिस की निगरानी में था, तो उसके गायब होने की जानकारी तत्काल क्यों नहीं हुई? क्या थाना परिसर में मौजूद जब्त वाहनों का नियमित सत्यापन किया जाता था? यदि किया जाता था तो आखिरी बार ट्रक की मौजूदगी कब दर्ज की गई थी? पुलिस जांच में इन बिंदुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है।

क्या बिना किसी मिलीभगत के संभव है?

मामले की सबसे गंभीर कड़ी संभावित मिलीभगत को लेकर उठ रहे सवाल हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति या पुलिसकर्मी पर आरोप लगाना जल्दबाजी होगी। यह जांच का विषय है कि ट्रक आखिर किन परिस्थितियों में थाना परिसर से बाहर गया।

इतने बड़े वाहन को सामान्य तरीके से निकालने के लिए रास्ते, गेट और आसपास मौजूद लोगों की नजर से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे में जांचकर्ताओं के लिए थाना परिसर के प्रवेश और निकास से जुड़ी जानकारी अहम हो सकती है।

पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि घटना के समय थाना परिसर में कौन-कौन से कर्मचारी मौजूद थे और वाहन की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी।

CCTV फुटेज से खुल सकता है राज

इस पूरे मामले में CCTV कैमरों की फुटेज अहम सबूत साबित हो सकती है। यदि थाना परिसर और उसके आसपास कैमरे लगे हैं तो घटना के समय की रिकॉर्डिंग से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि ट्रक कब बाहर निकला और उसे कौन लेकर गया।

इसके अलावा आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की भी जांच की जा सकती है। इतने बड़े वाहन के आवागमन की जानकारी मिलने से पुलिस उसके संभावित रास्ते का पता लगा सकती है।

ट्रक के नंबर, मालिकाना दस्तावेज, चालक और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि थाने की चारदीवारी के भीतर खड़ा 18 चक्का ट्रक आखिर गायब कैसे हो गया? घटना सामने आने के बाद पुलिस के सामने वाहन का पता लगाने के साथ-साथ थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की चुनौती है।

मामले में यदि ट्रक को किसी वैध आदेश के आधार पर हटाया गया था तो उससे जुड़े दस्तावेज सामने आने चाहिए। वहीं यदि वाहन बिना अनुमति के बाहर ले जाया गया है तो यह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का मामला बन सकता है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह केवल लापरवाही का मामला था, किसी वैध प्रक्रिया के तहत ट्रक हटाया गया या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। फिलहाल मुंगेर के मुफस्सिल थाना परिसर से 18 चक्का ट्रक के गायब होने की खबर ने पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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