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ममता सरकार में डिप्टी स्पीकर रहे आशीष बनर्जी का शव मिलने से हड़कंप

पश्चिम बंगाल की राजनीति से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। उनका शव उनके घर के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना […]

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  • August 16, 2026 9:19 am IST, Published 1 hour ago

पश्चिम बंगाल की राजनीति से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। उनका शव उनके घर के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तथा समर्थक मौके पर पहुंच गए।

पुलिस को सूचना मिलने के बाद अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने कहा है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 स्थित हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके आवास के ठीक बगल में तृणमूल कांग्रेस का स्थानीय कार्यालय मौजूद है। रविवार सुबह जब लोगों ने कार्यालय के भीतर उनका शव देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए।

राजनीतिक रूप से आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। उन्होंने लंबे समय तक रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने लगातार जीत हासिल की थी। उनकी पहचान एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि और संगठन के मजबूत नेता के रूप में रही।

ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। वे राज्य सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री और कृषि मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल चुके थे। इसके अलावा, पिछली ममता सरकार के दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में से एक माना जाता था।

हालांकि हाल के वर्षों में उनके राजनीतिक सफर को झटका भी लगा था। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ध्रुबा साहा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद क्षेत्र में उनकी सक्रियता बनी हुई थी और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनका प्रभाव कायम था।

उनकी अचानक और रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत ने राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। समर्थकों का कहना है कि वे लंबे समय से जनता और संगठन के बीच सक्रिय थे, इसलिए इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। वहीं विपक्षी दलों और विभिन्न राजनीतिक नेताओं की ओर से भी घटना पर प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिस्थितियों और अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के नतीजों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आशीष बनर्जी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। तब तक पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।

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