पूर्व CM विजयन की बेटी से जुड़ी कंपनी पर ED का शिकंजा

केरल की खनन कंपनी CMRL से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और कॉरपोरेट फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने 18 अगस्त को कोझिकोड में नौ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ED के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई और जांच […]

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  • August 20, 2026 2:35 pm IST, Published 25 minutes ago

केरल की खनन कंपनी CMRL से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और कॉरपोरेट फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने 18 अगस्त को कोझिकोड में नौ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ED के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई और जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) की ओर से सामने आए कथित फर्जी खर्च और रिश्वत के लेनदेन से जुड़े तथ्यों पर आधारित है।

ED का दावा है कि SFIO की जांच में कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) की ओर से करीब 15 वर्षों की अवधि में लगभग 182 करोड़ रुपये के ऐसे नकद खर्च दिखाए जाने का पता चला, जिनकी वास्तविकता संदिग्ध है। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन खर्चों की आड़ में विभिन्न लोगों तक कथित तौर पर रिश्वत की रकम पहुंचाई गई। SFIO ने इस मामले में कॉरपोरेट फ्रॉड से जुड़े आरोपों को लेकर 3 अप्रैल 2025 को चार्जशीट भी दाखिल की थी।

जांच का एक अहम हिस्सा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा से जुड़ी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को किए गए कथित भुगतान से संबंधित है। ED के अनुसार, CMRL की ओर से एक्सालॉजिक को करीब 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। कंपनी ने इसे आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के बदले प्राप्त रकम के रूप में दर्ज किया था।

हालांकि, जांच एजेंसी का आरोप है कि इस भुगतान के पीछे वास्तविक आईटी कंसल्टेंसी सेवा उपलब्ध कराए जाने के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले हैं। इसी आधार पर ED इसे कथित तौर पर फर्जी खर्च के तौर पर देख रही है। एजेंसी इस लेनदेन की प्रकृति और रकम के वास्तविक इस्तेमाल की जांच कर रही है।

मामले में CMRL के मैनेजिंग डायरेक्टर एसएन शशिधरन कार्था से जुड़ी कंपनी एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (EICPL) का लेनदेन भी जांच के दायरे में है। ED के मुताबिक, EICPL ने एक्सालॉजिक को करीब 50 लाख रुपये का ऋण दिया था। एजेंसी अब इस लेनदेन की परिस्थितियों और रकम के भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।ED के अनुसार, 27 मई 2026 को वीणा और CMRL के प्रमोटर्स से जुड़े परिसरों पर हुई तलाशी में कुछ हस्तलिखित रिकॉर्ड भी मिले थे। जांच एजेंसी का कहना है कि इन दस्तावेजों में अलग-अलग व्यक्तियों के नाम, रकम, खर्च और विदेश में भेजे गए पैसे का विवरण दर्ज था।

इन रिकॉर्ड में भारतीय मुद्रा के साथ संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा AED में भी लेनदेन दर्ज होने का दावा किया गया है। ED के मुताबिक, दस्तावेजों में लगभग 3.49 लाख AED यानी करीब 85 लाख रुपये दुबई भेजे जाने का उल्लेख मिला। इसके अलावा भारतीय मुद्रा में दर्ज लेनदेन का कुल आंकड़ा करीब 20.05 करोड़ रुपये बताया गया है। एजेंसी ने इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए। ED के मुताबिक, इनमें एक ऐसे सिम कार्ड की तस्वीर मिली जो कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी था और वाई-फाई राउटर में इस्तेमाल किया जा रहा था।

एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस व्यवस्था का इस्तेमाल इंटरनेट आधारित कॉल या अन्य संचार के लिए किया गया। ED का कहना है कि वीणा से जुड़े हस्तलिखित रिकॉर्ड में दर्ज रकम उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक दिखाई देती है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन रकमों का स्रोत क्या था और विभिन्न लेनदेन के पीछे वास्तविक कारोबारी गतिविधियां थीं या नहीं।

पूरे मामले में ED कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के निर्माण और उसके इस्तेमाल की जांच कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि CMRL से जुड़ी कथित रकम का इस्तेमाल अलग-अलग व्यक्तियों को भुगतान करने के लिए किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

 

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