कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

जनगणना ड्यूटी से इनकार नहीं कर सकेंगे शिक्षक, स्कूल ड्यूटी ही मानी जाएगी कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनगणना के लिए प्रतिनियुक्त किए गए शिक्षकों की यह जिम्मेदारी स्कूल ड्यूटी का ही हिस्सा मानी जाएगी। सक्षम प्राधिकारी की […]

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  • August 22, 2026 9:14 am IST, Published 20 minutes ago

जनगणना ड्यूटी से इनकार नहीं कर सकेंगे शिक्षक, स्कूल ड्यूटी ही मानी जाएगी

कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनगणना के लिए प्रतिनियुक्त किए गए शिक्षकों की यह जिम्मेदारी स्कूल ड्यूटी का ही हिस्सा मानी जाएगी। सक्षम प्राधिकारी की ओर से जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किए जाने पर शिक्षक इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकेंगे।

न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी में लगाए जाने से संबंधित याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि यदि जनगणना संचालन निदेशक या संबंधित प्रभारी अधिकारी शिक्षकों की सेवाएं लेना चाहते हैं, तो स्कूल के प्रधान को जनगणना कार्य की तारीख, समय और स्थान की स्पष्ट जानकारी देनी होगी।

स्कूल प्रधान को देनी होगी अनुमति

अदालत ने कहा कि जनगणना अधिकारियों से अनुरोध मिलने के बाद संस्थान प्रमुख को संबंधित शिक्षकों को जनगणना कार्य के लिए जाने की अनुमति देनी होगी। साथ ही स्कूल में उपलब्ध अन्य शिक्षकों के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी, ताकि जनगणना ड्यूटी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षक जनगणना अधिनियम की धारा 15ए के तहत स्कूल ड्यूटी पर ही माने जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना कार्य करने के कारण किसी शिक्षक के करियर, नौकरी की स्थिति या पदोन्नति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

शिक्षक नहीं कर सकेंगे ड्यूटी से इनकार

अदालत ने यह भी साफ किया कि सक्षम प्राधिकारी की ओर से जनगणना कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किए गए शिक्षक अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते। हालांकि, जनगणना कार्य और स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।

राज्य सरकार ने बुधवार को अदालत को बताया था कि शिक्षकों से स्कूल समय के बाद और सप्ताहांत में जनगणना कार्य कराने संबंधी अधिसूचना वापस ले ली गई है।

स्कूल की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान

इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी पर भी सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि जनगणना कार्य के लिए शिक्षकों की सेवाएं लेने के साथ-साथ उनकी स्कूल संबंधी जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

अब अदालत के ताजा आदेश के बाद जनगणना ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्हें जनगणना कार्य से अलग स्कूल ड्यूटी से अनुपस्थित कर्मचारी नहीं माना जाएगा और इस अवधि को उनकी नियमित सेवा जिम्मेदारी का हिस्सा माना जाएगा।

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