रक्षाबंधन से पहले मिठाई पर बड़ा खतरा, लखनऊ में बड़ी कार्रवाई

लखनऊ: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। इसी बीच राजधानी लखनऊ से खाद्य सुरक्षा को लेकर सामने आई एक कार्रवाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। काकोरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मिठाई निर्माण और बिक्री से जुड़े […]

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  • August 22, 2026 11:28 am IST, Published 19 minutes ago

लखनऊ: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। इसी बीच राजधानी लखनऊ से खाद्य सुरक्षा को लेकर सामने आई एक कार्रवाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। काकोरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मिठाई निर्माण और बिक्री से जुड़े एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध एवं दूषित खाद्य सामग्री बरामद की है। कार्रवाई के दौरान जिस तरह की स्थिति सामने आई, उसने मिठाई की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने काकोरी स्थित शिवाकी स्वीट्स पर छापेमारी की। टीम को निरीक्षण के दौरान मिठाई तैयार करने वाले स्थान पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में भैंसें, गंदगी, खुली नाली और मक्खियों की मौजूदगी पाई गई। ऐसे माहौल में खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने को लेकर अधिकारियों ने गंभीर आपत्ति जताई।

मिठाई बनाने की जगह पर मिली गंदगी

त्योहारों के मौसम में मिठाई की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में दुकानों और निर्माण इकाइयों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। लेकिन काकोरी में हुई जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर मिठाई तैयार करने का स्थान अस्वच्छ परिस्थितियों में मिला।

खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई से जुड़े विवरण के मुताबिक, मौके पर खुले नाले और गंदगी के साथ मक्खियों की मौजूदगी भी मिली। अधिकारियों ने तैयार मिठाइयों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था और निर्माण स्थल की स्वच्छता पर भी सवाल उठाए। खाद्य पदार्थों के आसपास इस तरह की अस्वच्छ परिस्थितियां उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।

2,675 किलो संदिग्ध सामग्री नष्ट

जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने करीब 2,675 किलोग्राम दूषित या संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट करने के लिए चिन्हित किया। अधिकारियों ने संबंधित यूनिट को सील कर दिया, ताकि वहां तत्काल खाद्य निर्माण गतिविधियां रोकी जा सकें।

इसके अलावा टीम ने लगभग 686 किलोग्राम कच्चा माल भी जब्त किया। इस सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों पर कितनी खरी उतरती है।

कार्रवाई के बाद संबंधित प्रतिष्ठान का संचालन तत्काल बंद कराया गया। विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और नियमों के तहत की जाएगी।

15 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से कई खाद्य पदार्थों और कच्चे माल के नमूने भी लिए। जानकारी के मुताबिक कुल 15 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इन नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच में यह देखा जाता है कि उनमें मिलावट, प्रतिबंधित सामग्री या स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक तत्व तो मौजूद नहीं हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसके आधार पर संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदते समय रहें सतर्क

रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते को मिठास देने के लिए लोग बड़ी संख्या में मिठाइयां खरीदते हैं। त्योहार के दौरान बाजारों में मिठाई की मांग बढ़ने के कारण कई दुकानों पर पहले से बड़ी मात्रा में उत्पादन शुरू हो जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए भी सावधानी बरतना जरूरी है।

ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, मिठाई को रखने की व्यवस्था और उत्पाद की ताजगी पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखी मिठाइयों को खरीदने से बचना बेहतर हो सकता है, खासकर तब जब आसपास गंदगी या मक्खियों की मौजूदगी दिखाई दे।

मिठाई के रंग, गंध और बनावट में असामान्य बदलाव नजर आने पर उसे नहीं खरीदना चाहिए। पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा पर बढ़ी जिम्मेदारी

रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतों को देखते हुए त्योहार से पहले निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाए जाते हैं।

काकोरी में हुई कार्रवाई यह संकेत देती है कि विभाग त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्माण स्थलों की स्वच्छता पर नजर रख रहा है। हालांकि, इस मामले में जब्त सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता का अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला जांच के बाद ही सामने आएगा।

खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के लिए केवल मिलावट की जांच ही नहीं, बल्कि निर्माण स्थल की स्वच्छता भी महत्वपूर्ण है। यदि खाद्य पदार्थ गंदगी, खुले नाले या कीट-पतंगों के संपर्क में तैयार किए जाते हैं तो इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।

दुकानदारों को भी स्वच्छता मानकों का पालन जरूरी

त्योहार के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए मिठाई कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की जरूरत है। निर्माण स्थल की नियमित सफाई, कच्चे माल का उचित भंडारण, तैयार मिठाइयों को ढककर रखना और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे कदम बेहद जरूरी हैं।

वहीं, उपभोक्ताओं की जागरूकता भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी दुकान पर गंदगी, खराब गुणवत्ता या संदिग्ध खाद्य सामग्री दिखाई देती है तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी जा सकती है।

फिलहाल काकोरी की इस कार्रवाई में 2,675 किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट करने, 686 किलो कच्चा माल जब्त करने और 15 नमूने जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। अब सभी की नजर प्रयोगशाला रिपोर्ट पर रहेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जब्त सामग्री में किस स्तर की खाद्य गुणवत्ता संबंधी समस्या थी और संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

रक्षाबंधन के मौके पर मिठाई खरीदने वाले लोगों के लिए इस कार्रवाई से एक साफ संदेश है—त्योहार की मिठास के साथ खाद्य सुरक्षा से समझौता न करें और मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता व स्वच्छता पर जरूर ध्यान दें।

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