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हॉकी वर्ल्ड कप में भारत हारा, 51 साल बाद भी खिताब का इंतजार जारी

एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का अभियान निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। एम्स्टेलवीन में खेले गए दूसरे राउंड के पूल-ई मुकाबले में अर्जेंटीना ने भारत को 5-3 से मात दी। इस हार के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। भारत को अंतिम चार में जगह बनाने […]

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  • August 25, 2026 1:30 pm IST, Published 1 hour ago

एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का अभियान निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। एम्स्टेलवीन में खेले गए दूसरे राउंड के पूल-ई मुकाबले में अर्जेंटीना ने भारत को 5-3 से मात दी। इस हार के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। भारत को अंतिम चार में जगह बनाने के लिए यह मुकाबला बड़े अंतर से जीतना जरूरी था, लेकिन टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

मुकाबले की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने आक्रामक रवैया अपनाया। भारतीय रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया गया और अर्जेंटीना ने शुरुआती दौर में दो गोल दागकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। भारत के सामने चुनौती बड़ी थी, क्योंकि उसे न सिर्फ मैच जीतना था, बल्कि गोल अंतर को भी अपने पक्ष में करना था। शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद भारतीय टीम पर दबाव और बढ़ गया।

भारत ने वापसी की कोशिश की और सुखजीत सिंह ने गोल करके टीम को मुकाबले में बनाए रखने का प्रयास किया। हालांकि, इस गोल के बाद भी अर्जेंटीना ने अपनी रणनीति में कोई ढील नहीं दी। उसके खिलाड़ियों ने तेज पासिंग और आक्रामक हॉकी के जरिए भारतीय डिफेंस को लगातार व्यस्त रखा। अर्जेंटीना ने इसके बाद फिर गोल किए और पहले हाफ के दौरान भारत के सामने मुश्किल स्थिति पैदा कर दी।

दूसरे हाफ में भी अर्जेंटीना का दबदबा कायम रहा। टीम ने भारतीय खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखा और स्कोर को 5-1 तक पहुंचा दिया। इस स्थिति में भारत के लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया था। भारतीय टीम ने अंतिम चरण में आक्रामकता बढ़ाई और लगातार गोल करने के मौके बनाने की कोशिश की।

सुखजीत सिंह ने अपना दूसरा गोल करके भारत की उम्मीदें जगाने का प्रयास किया। इसके बाद हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर अंतर को और कम किया। भारत ने आखिरी मिनटों में पूरी ताकत लगाई, लेकिन अर्जेंटीना की मजबूत बढ़त के कारण मुकाबले का परिणाम नहीं बदल सका। अंत में अर्जेंटीना ने 5-3 से जीत दर्ज की।

भारतीय टीम के लिए सुखजीत सिंह का प्रदर्शन सकारात्मक पहलू रहा। उन्होंने भारत की ओर से दो गोल किए। हार्दिक सिंह ने भी एक गोल किया। हालांकि, व्यक्तिगत प्रयास टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहे। अर्जेंटीना ने शुरुआत में जिस तरह से मुकाबले पर नियंत्रण बनाया, उसने भारत की वापसी की संभावनाओं को काफी सीमित कर दिया। इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद समाप्त हो गई।

अब भारतीय टीम टूर्नामेंट में सातवें और आठवें स्थान के लिए मुकाबला खेलेगी। इस मुकाबले में भारत का सामना बेल्जियम से होगा। टीम की कोशिश होगी कि टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया जाए और अर्जेंटीना के खिलाफ हुई गलतियों से सीख लेकर बेहतर प्रदर्शन किया जाए। भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत हालांकि अच्छी की थी। शुरुआती मुकाबले में टीम ने वेल्स को 3-1 से हराया था। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ उसे 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। तीसरे मैच में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर शानदार वापसी की। इसके बाद दूसरे चरण में नीदरलैंड्स के खिलाफ टीम को 1-3 से शिकस्त मिली और अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 की हार ने अभियान को बड़ा झटका दिया।

भारतीय हॉकी टीम के लिए यह नतीजा इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन और पदक की उम्मीदें थीं। भारत ने 1975 में अपना एकमात्र पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब जीता था। उसके बाद से टीम इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में फिर चैंपियन नहीं बन सकी है। अर्जेंटीना के खिलाफ हार के बाद विश्व कप खिताब के लिए भारत का इंतजार और लंबा हो गया है।

 

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