अंबाला। हरियाणा के अंबाला में आवारा सांड के आतंक का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लालकुर्ती इलाके में सोमवार सुबह स्कूल जा रही 10वीं कक्षा की एक छात्रा पर सड़क किनारे खड़े सांड ने अचानक हमला कर दिया। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके सिर पर गहरी चोट आई और उपचार के दौरान सिर पर आठ टांके लगाए गए। घटना के बाद इलाके में आवारा पशुओं को लेकर लोगों में चिंता और गुस्सा बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि छात्रा रोज की तरह सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। वह अपना बैग लेकर सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े सांड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। छात्रा को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सांड ने उसे अपने सींगों से उठाकर पटक दिया।
पहले भी सांड ने छात्रा पर किया था हमला
परिजनों के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब छात्रा का सामना इस सांड से हुआ। इससे पहले भी सांड ने छात्रा को पीछे से हमला कर परेशान किया था। बताया गया कि उस समय सांड ने छात्रा को अपने सींगों से करीब छह से सात फीट तक उठाकर सड़क पर पटक दिया था। हालांकि उस घटना में छात्रा किसी तरह बच गई थी।
सोमवार की घटना में हमला अचानक और ज्यादा गंभीर था। छात्रा के सड़क पर गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभाला। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। छात्रा के सिर पर गंभीर चोट लगी थी और वह दर्द से परेशान थी।
सिर पर आई गंभीर चोट, लगाए गए आठ टांके
घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायल छात्रा को छावनी नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। चोट की गंभीरता को देखते हुए छात्रा के सिर पर आठ टांके लगाए गए।
परिजनों के अनुसार, छात्रा की एक आंख भी चोट के कारण प्रभावित हुई है। आंख के आसपास सूजन बताई गई है। उसके हाथ-पैर पर भी घसीटने के निशान आने की बात सामने आई है। घटना के बाद छात्रा और उसके परिवार में दहशत का माहौल है।
सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि छात्रा स्कूल जाने के दौरान सड़क पर थी। अगर आसपास उस समय कोई मदद करने वाला नहीं होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। घटना ने क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है।
सड़क पर घूमते आवारा पशु बने परेशानी
शहरों और कस्बों में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशु लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। विशेष रूप से सांड और अन्य बड़े पशुओं के अचानक हमले से पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी खतरा रहता है।
लालकुर्ती की इस घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल जाने वाले बच्चों को अक्सर सुबह के समय अकेले या समूह में पैदल सड़क से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सड़क पर घूमते बड़े पशु किसी भी समय बच्चों को निशाना बना सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय ऐसे पशुओं को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था जरूरी है।
छात्रा के परिवार में दहशत का माहौल
हमले के बाद छात्रा के परिवार में चिंता का माहौल है। परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर एक ही सांड पहले भी छात्रा पर हमला कर चुका था, तो उसे सड़क से हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से इस दिशा में गंभीरता से काम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सड़क पर आवारा पशुओं का सामना करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
लोगों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां लगातार आवारा पशुओं की मौजूदगी रहती है। इसके बाद संबंधित विभाग को नियमित अभियान चलाकर पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना चाहिए।
स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह के समय बच्चों की आवाजाही अधिक रहती है। यदि किसी इलाके में पहले से आक्रामक पशु मौजूद है तो प्रशासन को वहां विशेष निगरानी रखनी चाहिए।
अभिभावकों के लिए भी यह घटना एक चेतावनी की तरह है। बच्चों को सड़क पर चलते समय सतर्क रहने और किसी आवारा पशु के बेहद करीब नहीं जाने की सलाह दी जा सकती है। हालांकि, इस तरह की घटनाओं का स्थायी समाधान केवल लोगों की सावधानी से संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
घटना के बाद कार्रवाई की मांग तेज
छात्रा पर हुए हमले के बाद स्थानीय स्तर पर आवारा सांड को लेकर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। नागरिक चाहते हैं कि जिस पशु ने छात्रा पर हमला किया, उसे तत्काल सड़क से हटाया जाए ताकि दोबारा कोई व्यक्ति उसका शिकार न बने।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी और बच्चे या राहगीर के साथ गंभीर हादसा हो सकता है। खासकर स्कूल जाने वाले रास्तों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
फिलहाल छात्रा का अस्पताल में उपचार कराया गया है। उसके सिर पर आठ टांके लगाए गए हैं और आंख के आसपास चोट के कारण सूजन बताई गई है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर की सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं से आम लोगों को कब तक खतरा बना रहेगा।
नोट: यह खबर उपलब्ध सोशल मीडिया पोस्ट/चित्र में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। स्थानीय प्रशासन या अस्पताल की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर खबर में संबंधित जानकारी जोड़ी जा सकती है।