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रेखा गुप्ता ने शुरू की लक्ष्मी योजना, पहले चरण में 4,000 स्वीकृति पत्र बांटे

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल करते हुए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है। तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री […]

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  • August 26, 2026 4:33 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल करते हुए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है। तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस सहायता का उद्देश्य महिलाओं को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देना और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद करना है।

योजना के शुभारंभ अवसर पर पहले चरण में पात्र महिलाओं को 4,000 स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। सरकार के मुताबिक योजना को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है और अब तक 9 लाख से अधिक महिलाओं ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी और पंजीकरण की संख्या इस योजना के प्रति लोगों के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देना है। प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता के माध्यम से सरकार महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए अधिक स्वतंत्र निर्णय लेने में मदद करना चाहती है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनके मुताबिक, जब महिलाओं के पास अपनी आय या आर्थिक सहायता का भरोसेमंद स्रोत होता है, तो वे घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण खर्चों को लेकर अधिक प्रभावी निर्णय ले सकती हैं।

दिल्ली सरकार की ओर से योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण और ‘Women-Led Development’ के दृष्टिकोण से भी जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए ऐसे अवसर और सहयोग उपलब्ध कराने पर काम कर रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ अपने भविष्य को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास के साथ फैसले ले सकें।

शुभारंभ कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और पंकज कुमार सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा लोकसभा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी, योगेंद्र चंदोलिया, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और प्रवीण खंडेलवाल सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सरकार के अनुसार, प्रतिमाह मिलने वाली 2,500 रुपये की राशि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण का उद्देश्य सहायता को लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। योजना से जुड़ी पात्रता और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के आधार पर लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

 

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इस योजना को दिल्ली में महिला कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकारी पहलों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। खास तौर पर ऐसी महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है, जिन्हें अपनी व्यक्तिगत या पारिवारिक जरूरतों के लिए सीमित आर्थिक संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

हालांकि, किसी भी कल्याणकारी योजना की वास्तविक सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। लाभार्थियों की सही पहचान, समय पर भुगतान, आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा शिकायतों के त्वरित समाधान जैसे पहलू योजना के असर को तय करेंगे। सरकार के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती भी होगी कि पात्र महिलाओं तक सहायता नियमित रूप से पहुंचे।

दिल्ली लक्ष्मी योजना के शुभारंभ के साथ सरकार ने महिला आर्थिक सशक्तिकरण को अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर और सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध कराना जरूरी है।

पहले चरण में 4,000 स्वीकृति पत्रों का वितरण योजना के जमीनी क्रियान्वयन की शुरुआत है। वहीं, 9 लाख से अधिक पंजीकरण यह संकेत देते हैं कि योजना को लेकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने रुचि दिखाई है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि पंजीकृत और पात्र महिलाओं तक मासिक सहायता कितनी प्रभावी और नियमित तरीके से पहुंचती है।

 

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