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नेपाल बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय, 21 नागरिक सुरक्षित निकाले गए

नई दिल्ली: नेपाल में भारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 288 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘संपर्क से बाहर’ होने […]

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  • August 27, 2026 4:36 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: नेपाल में भारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 288 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘संपर्क से बाहर’ होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी लोग लापता या घायल हैं। प्रभावित इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण अधिकारियों को लोगों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संपर्क से बाहर भारतीयों में 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं। मंत्रालय परियोजना के प्रमुख के संपर्क में रहकर इन लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।

नेपाल के जिन इलाकों में ये लोग मौजूद हैं, वहां संचार नेटवर्क प्रभावित हुआ है। कई जगह संपर्क व्यवस्था ठप होने से राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ लोगों की स्थिति की पुष्टि करने में भी परेशानी आ रही है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। ये सभी तमिलनाडु से संबंधित हैं। अधिकारियों के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है और इसके बाद उन्हें काठमांडू लाकर भारत वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन इन नागरिकों की सहायता में जुटे हैं। सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों से भी संपर्क नहीं

विदेश मंत्रालय ने बताया कि तमिलनाडु से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए दो समूह भी फिलहाल संपर्क से बाहर हैं। इनमें एक समूह में 37 और दूसरे में 49 भारतीय नागरिक बताए गए हैं। दोनों समूह अलग-अलग यात्रा एजेंसियों के माध्यम से नेपाल गए थे।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिकों का एक समूह रसुवा जिले के टिमुरे क्षेत्र में मौजूद बताया गया है। यह इलाका भी बाढ़ और आपदा से प्रभावित हुआ है। प्रशासन इन लोगों की स्थिति की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।

मंत्रालय के अनुसार रिचा टूर्स के माध्यम से यात्रा करने वाले विभिन्न राज्यों के 61 भारतीय नागरिकों से भी अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा केरल के 33 नागरिकों का भी फिलहाल पता नहीं चल पाया है। इन अलग-अलग समूहों को मिलाकर 288 भारतीय नागरिकों को अभी ‘अनकॉन्टैक्टेबल’ श्रेणी में रखा गया है। विदेश मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि इस स्थिति को सीधे तौर पर लापता होने के रूप में न देखा जाए। प्रभावित इलाकों में मोबाइल और अन्य संचार सेवाएं बाधित होने के कारण संपर्क टूट सकता है।

भारतीय दूतावास सक्रिय

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल सरकार और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने, जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने और सुरक्षित लोगों की भारत वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

नेपाल में भारत के राजदूत ने भी सुरक्षित निकाले गए भारतीय नागरिकों से बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। सरकार का कहना है कि नई और सत्यापित जानकारी सामने आने के साथ नागरिकों की स्थिति के बारे में अपडेट साझा किए जाएंगे।

पीएम मोदी ने नेपाल को दिया सहयोग का भरोसा

नेपाल में आपदा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने नेपाल में हुई तबाही पर दुख व्यक्त करते हुए भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा जताया था।

इसके बाद भारतीय दूतावास ने नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय और तेज कर दिया। विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां संचार सेवाएं बाधित होने के कारण भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता संपर्क से बाहर सभी भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की मदद से भारतीय नागरिकों तक पहुंचने के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बहाल होने और राहत दलों के पहुंचने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सत्यापित जानकारी मिलने पर परिवारों और आम लोगों को नियमित रूप से अपडेट दिया जाएगा।

 

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