मथुरा में 1200 किलो संदिग्ध पनीर जब्त, कीमत जानकर चौंकेंगे

मथुरा। त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी अभियान के तहत मथुरा में खाद्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1200 किलो संदिग्ध मिलावटी पनीर बरामद किया है। बरामद पनीर की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही […]

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  • August 27, 2026 8:30 pm IST, Published 2 hours ago

मथुरा। त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी अभियान के तहत मथुरा में खाद्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1200 किलो संदिग्ध मिलावटी पनीर बरामद किया है। बरामद पनीर की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्योहारों को देखते हुए मथुरा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में छाता तहसील क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने एक बोलेरो वाहन से बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर बरामद किया। विभागीय कार्रवाई के बाद पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

बोलेरो से बरामद हुआ 1200 किलो पनीर

खाद्य विभाग की टीम को कार्रवाई के दौरान एक बोलेरो वाहन से करीब 1200 किलो पनीर मिला। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक स्तर पर विभाग ने इसे संदिग्ध मानते हुए कब्जे में लिया है।

बरामद पनीर की गुणवत्ता और उसमें किसी प्रकार की मिलावट है या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण प्रयोगशाला जांच के बाद ही किया जा सकेगा। ऐसे में फिलहाल इसे संदिग्ध पनीर कहना अधिक उचित है। खाद्य विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पनीर खाद्य मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।

करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही कीमत

कार्रवाई में पकड़े गए पनीर की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थ की बरामदगी ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा बढ़ा दी है। त्योहारों के दौरान दूध, मावा, पनीर, मिठाई और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है।

खाद्य विभाग इसी वजह से बाजारों, दुकानों, वाहनों और खाद्य पदार्थों के भंडारण एवं परिवहन की जांच कर रहा है। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री पहुंचाना है।

त्योहारों से पहले खाद्य विभाग का बड़ा अभियान

त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की बिक्री में तेजी आती है। ऐसे समय में नकली या घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। इसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष निगरानी अभियान चलाया जाता है।

मथुरा में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। टीम द्वारा संदिग्ध खाद्य सामग्री की जांच और नमूना संग्रह के साथ-साथ संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। यदि प्रयोगशाला जांच में नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत पाए जाते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पनीर खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी सावधानी जरूरी

बाजार से पनीर खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। बहुत कम कीमत पर उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता पर सवाल होने की स्थिति में उसे खरीदने से बचना चाहिए। पनीर खरीदते समय उसकी गंध, रंग, बनावट और पैकेजिंग की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।

पैक्ड पनीर खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पैकेट पर लिखी निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर और निर्माता की जानकारी भी देखनी चाहिए। खुले में बिकने वाले पनीर की स्थिति में साफ-सफाई और उसके रखरखाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

हालांकि, केवल देखने या स्वाद से किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। किसी उत्पाद के संदिग्ध होने पर उसकी वैज्ञानिक जांच जरूरी होती है। इसलिए खाद्य विभाग द्वारा नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराना महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर

मथुरा में बरामद किए गए करीब 1200 किलो पनीर को लेकर अब सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी जांच रिपोर्ट होगी। प्रयोगशाला में नमूनों की जांच के बाद यह पता चलेगा कि पनीर में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री मौजूद है या नहीं और उसमें किसी प्रकार की मिलावट की गई है या नहीं।

फिलहाल खाद्य विभाग की कार्रवाई ने त्योहारों के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर की बरामदगी यह भी दिखाती है कि त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब उपभोक्ताओं की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर रहेगी। यदि जांच में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

नोट: उपलब्ध जानकारी के अनुसार पनीर को विभाग ने संदिग्ध माना है। उसमें मिलावट की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

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