नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही

लापता लोगों का आंकड़ा 2,500 पहुंचा, 584 शव बरामद; 400 भारतीय तिब्बत में फंसे काठमांडू। नेपाल और तिब्बत में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लापता लोगों की संख्या करीब 2,500 तक पहुंच गई है, जबकि […]

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  • August 29, 2026 7:17 am IST, Published 1 hour ago

लापता लोगों का आंकड़ा 2,500 पहुंचा, 584 शव बरामद; 400 भारतीय तिब्बत में फंसे

काठमांडू। नेपाल और तिब्बत में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लापता लोगों की संख्या करीब 2,500 तक पहुंच गई है, जबकि अब तक 584 शव बरामद किए जा चुके हैं।

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, नेपाल में अभी भी करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं, लगभग 400 भारतीय नागरिक तिब्बत में फंसे हुए हैं

तिब्बत में फंसे 153 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे

विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन के तिब्बत क्षेत्र में फंसे 153 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित नेपाल पहुंचा दिया गया है। बाकी भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भी प्रयास जारी हैं।

बाढ़ के कारण नेपाल के कई इलाकों में सड़क संपर्क और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर घरों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

एस जयशंकर ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।

जयशंकर ने बताया कि एक जलविद्युत परियोजना के स्थल पर कुछ लोगों के सुरंग में फंसे होने की आशंका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत की ओर से एक विशेष टीम भेजने की तैयारी की जा रही है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव अभियान में मदद करेगी।

भारत की राहत और बचाव में मदद

भारत लगातार नेपाल और तिब्बत में फंसे भारतीय नागरिकों के संपर्क और सुरक्षित निकासी के प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय संबंधित अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

नेपाल में बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लापता लोगों की संख्या अधिक होने के कारण आने वाले दिनों में बचाव दलों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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