आगरा में त्योहारों से पहले दूध और उससे तैयार होने वाले डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की ओर से की गई जांच में बड़ी संख्या में नमूने मानकों पर खरे नहीं उतर पाए। विभाग की कार्रवाई में सामने आए आंकड़ों ने बाजार में बिक रहे दूध, घी, पनीर और खोआ की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक डेयरी उत्पादों के 96 नमूने जांच के लिए लिए गए। इनमें 57 नमूने जांच में फेल पाए गए, जबकि 23 नमूनों में नकली होने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान कई उत्पादों में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल मिला, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी। इससे त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की निगरानी और बढ़ाने की जरूरत सामने आई है।
दूध की जांच में भी मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। अब तक लिए गए 111 दूध के नमूनों में 81 नमूने मिलावटी या नकली पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में नमूनों के मानकों पर विफल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
घी के कुछ नमूनों की जांच में पाम ऑयल, वनस्पति तेल और एसेंस जैसे पदार्थों की मिलावट सामने आई। वहीं पनीर और खोआ के नमूनों में स्टार्च, रिफाइंड और स्किम्ड मिल्क पाउडर जैसी चीजें पाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह की मिलावट से उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी भी होती है।
जन्माष्टमी का त्योहार नजदीक होने के कारण दूध और उससे बने खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ने की संभावना है। त्योहार के दौरान पनीर, खोआ, घी, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग में तेजी आती है। इसी को देखते हुए FSDA ने बाजारों में छापेमारी और सैंपलिंग बढ़ाने की तैयारी की है। विभाग की टीमें दुकानों और डेयरी प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करेंगी।
अधिकारियों का फोकस खास तौर पर उन स्थानों पर रहने की संभावना है, जहां बड़ी मात्रा में दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री होती है। विभाग का उद्देश्य मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के साथ उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
मिलावटी डेयरी उत्पादों की बिक्री करते पकड़े जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में लाइसेंस निरस्त करने के साथ गंभीर प्रकरणों में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। विभाग की कार्रवाई का मकसद मिलावटखोरों पर शिकंजा कसना और त्योहार के दौरान बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं से भी खरीदारी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। खासकर त्योहार के मौसम में दूध और उससे बने उत्पाद खरीदते समय विश्वसनीय दुकानों का चयन करना जरूरी है। आने वाले दिनों में FSDA की छापेमारी और जांच से मिलावट के खिलाफ अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है।