• होम
  • राजस्थान
  • बाड़मेर में छात्रों से मिले पायलट, शिक्षा और रोजगार पर दिया जोर

बाड़मेर में छात्रों से मिले पायलट, शिक्षा और रोजगार पर दिया जोर

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोर देते हुए कहा कि देश और प्रदेश के विकास के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें नौजवानों की प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान शिक्षा के क्षेत्र […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 1, 2026 11:44 am IST, Published 1 hour ago

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोर देते हुए कहा कि देश और प्रदेश के विकास के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें नौजवानों की प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने वाली संस्थाओं को महत्वपूर्ण बताया।

पायलट ने विरेंद्र धाम में छात्रों से मुलाकात के दौरान वहां के शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह स्थान शिक्षा के एक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है और यहां पढ़ने वाले युवाओं को अपने करियर के लिए उचित दिशा मिल रही है। उनके मुताबिक, किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

छात्रों के साथ बातचीत के दौरान सचिन पायलट को बताया गया कि संस्थान से पढ़ाई पूरी करने वाले करीब 40 प्रतिशत युवाओं को रोजगार हासिल हो रहा है। उन्होंने इस आंकड़े को शिक्षा को प्राथमिकता देने वाली सोच का सकारात्मक परिणाम बताया। पायलट ने कहा कि यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश के सामने सबसे बड़ी जरूरत ऐसी व्यवस्था तैयार करने की है, जिसमें युवाओं की क्षमता का पूरा इस्तेमाल हो। बड़ी संख्या में युवा शिक्षा हासिल कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने रोजगार और करियर के अवसर उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रह सकती। उन्हें विद्यार्थियों को प्रतियोगी माहौल, रोजगार की जरूरतों और बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार करना होगा।

पायलट ने युवाओं की भागीदारी को देश के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि आज का विद्यार्थी आने वाले समय में समाज और अर्थव्यवस्था को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। इसलिए शिक्षा के साथ कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और अधिक विद्यार्थी ऐसे केंद्रों से जुड़ेंगे और अपनी प्रतिभा को बेहतर मंच दे पाएंगे।

कांग्रेस नेता ने इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और संस्थानों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाना जरूरी है। यदि छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिलें तो उन्हें रोजगार या उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो सकती है। बाड़मेर जैसे पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्र में शिक्षा को लेकर ऐसी पहल का महत्व और बढ़ जाता है। यहां के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार से जुड़े संसाधनों तक पहुंच कई बार चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मजबूत शैक्षणिक संस्थान युवाओं को आगे बढ़ने के लिए जरूरी आधार उपलब्ध करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं माना जाना चाहिए। इसका उद्देश्य युवाओं में सोचने, सीखने और नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता विकसित करना भी होना चाहिए। रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। पायलट ने उम्मीद जताई कि विरेंद्र धाम आने वाले समय में और अधिक युवाओं के लिए शिक्षा और मार्गदर्शन का केंद्र बनेगा। उन्होंने युवाओं की सफलता को समाज की सफलता से जोड़ते हुए कहा कि जब ज्यादा संख्या में नौजवान रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे, तब क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास भी तेज होगा।

 

Advertisement