राहुल गांधी का इंदौर दौरा टला, अब 19 सितंबर को होगा कार्यक्रम

इंदौर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब 12 सितंबर को नहीं होगा। कार्यक्रम की तारीख बदलकर 19 सितंबर कर दी गई है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम की अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम को […]

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  • September 2, 2026 6:35 pm IST, Published 2 hours ago

इंदौर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब 12 सितंबर को नहीं होगा। कार्यक्रम की तारीख बदलकर 19 सितंबर कर दी गई है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम की अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम को एक सप्ताह आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। कांग्रेस अब कार्यक्रम के लिए वैकल्पिक स्थल की तैयारी कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, रीजनल पार्क के सामने स्थित आयोजन स्थल पर कार्यक्रम कराने की योजना है, हालांकि स्थल को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। कार्यक्रम की नई तारीख तय होने के बाद पार्टी को आयोजन से जुड़ी तैयारियों के लिए अतिरिक्त समय भी मिल गया है।

राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम को मुख्य स्थल के तौर पर चुना गया था। कांग्रेस की ओर से लंबे समय से यहां कार्यक्रम की अनुमति लेने की कोशिश की जा रही थी। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर स्टेडियम उपलब्ध कराने की मांग की थी। पटवारी ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भी सोशल मीडिया के जरिए कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला किया।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं को राहुल गांधी से जोड़ना है। पार्टी की ओर से आयोजन की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी गई थीं और कार्यक्रम की रूपरेखा भी तैयार की जा चुकी थी। कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। पार्टी की ओर से करीब 50 हजार छात्रों के शामिल होने का अनुमान जताया गया है। इतनी बड़ी भीड़ के लिए आयोजन स्थल की अनुमति और प्रशासनिक व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं।

कार्यक्रम स्थल को लेकर अंतिम फैसला होने के बाद कांग्रेस आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाएगी। तारीख बदलने से पार्टी को भीड़ प्रबंधन, मंच, सुरक्षा और अन्य तैयारियों के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। मध्य प्रदेश की राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी का छात्रों के बीच प्रस्तावित कार्यक्रम कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अहम है।

कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने और युवा वर्ग तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा की ओर से कांग्रेस के इस आयोजन को लेकर पहले ही सवाल उठाए जा चुके हैं। इंदौर महानगर भाजयुमो अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। दूसरी ओर कांग्रेस लगातार कार्यक्रम के लिए छात्रों और युवाओं को जोड़ने में जुटी हुई थी।

कार्यक्रम की तारीख बदलने के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उपयुक्त स्थल तय करना और वहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की व्यवस्था करना है। नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलने के बाद वैकल्पिक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल 19 सितंबर की तारीख तय की गई है। आयोजन स्थल को लेकर अंतिम फैसला होने के बाद कांग्रेस की तैयारियां उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगी।

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर पार्टी की गतिविधियां अब नए कार्यक्रम स्थल और संशोधित तारीख के हिसाब से तेज होंगी। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में युवा मतदाताओं को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी हुई है। ऐसे में कांग्रेस के इस कार्यक्रम पर राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर नजर बनी रहेगी।

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