राजगढ़/ब्यावरा। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। ब्यावरा शहर के बाहर बने बायपास पर करीब 90 डिग्री के घूमावदार ब्रिज से एक स्लीपर कोच बस अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस ब्रिज की सीमेंट-कंक्रीट की बॉउंड्री वॉल से टकराते हुए नीचे गिरी। दुर्घटना में चार यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 12 यात्री गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य में मदद की।
घूमावदार ब्रिज पर चालक नहीं समझ सका मोड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, NL 01, डी-3436 नंबर की स्लीपर कोच बस लखनऊ से उज्जैन होते हुए इंदौर के लिए जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे के बाद बस ब्यावरा बायपास पर इंदौर रोड के लिए बने घूमावदार ब्रिज पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ब्रिज के तीखे मोड़ का चालक को सही अनुमान नहीं लग सका।
टर्न लेते समय चालक ने बस को नियंत्रित करने के लिए उसे मोड़ा, लेकिन बस की रफ्तार और मोड़ का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद बस ब्रिज की सीमेंट-कंक्रीट की बॉउंड्री वॉल से जा टकराई। टक्कर के बाद बस अनियंत्रित होकर रिगड़ते हुए आगे की ओर बढ़ी और ब्रिज से नीचे जा गिरी।
बस के नीचे गिरते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़कर घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
हादसे में चार यात्रियों की मौत
इस दर्दनाक दुर्घटना में चार यात्रियों की जान चली गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मृतकों में कर्नाटक, बिहार और उत्तर प्रदेश के यात्री शामिल हैं। मृतकों की पहचान रवि केवी, पिता बसप्पा, उम्र 45 वर्ष, निवासी बैंगलोर, कर्नाटक; कलाम उल्ला मियां, पिता कलीम उल्ला मियां, निवासी गोपालगंज, बिहार; ड्राइवर विकास, पिता अवध नारायण शुक्ला, निवासी तुंदली, फतेहपुर; तथा ज्योतिरादित्य, पिता विक्रम सिंह गौड़ के रूप में बताई गई है।
हादसे में बस चालक की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना की वजह बस के तीखे मोड़ पर नियंत्रण से बाहर होना बताई जा रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
12 यात्री गंभीर रूप से घायल
दुर्घटना में करीब 12 यात्री घायल हुए हैं। इनमें कई यात्रियों को गंभीर चोटें आने की जानकारी है। घायलों में अमित कुमार प्रताप, पिता विनोद कुमार प्रताप, उम्र 40 वर्ष; मीनू, पति अमित कुमार; रक्षित सिंह, पिता अमित कुमार, उम्र 13 वर्ष, निवासी मोहम्मदपुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश; सुरेंद्र प्रताप, पिता मदनसिंह, उम्र 68 वर्ष, निवासी हुसैनी, जिला जौनपुर; पार्थ, पिता रवि शर्मा, उम्र 8 वर्ष; रवि, पिता दीनानाथ शर्मा, उम्र 42 वर्ष; सुमन, पति रवि शर्मा, उम्र 36 वर्ष; श्रीनिवास, पिता कैलाश गिरी, उम्र 50 वर्ष, बैंगलोर, कर्नाटक; केशव, पिता श्री पाल, उम्र 28 वर्ष, अलीगढ़; रamesh नायक, पिता पंडप्पा, निवासी बैंगलोर, कर्नाटक; सोनू, पिता हरी बाबू, निवासी खैराबाद, सीतापुर; और विश्वनाथ, पिता मोहन, उम्र 39 वर्ष, निवासी बैंगलोर, कर्नाटक सहित अन्य यात्री शामिल बताए गए हैं।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की स्थिति भी सामने आ सकती है। हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना रही।
लखनऊ से उज्जैन होते हुए इंदौर जा रही थी बस
जानकारी के मुताबिक यह स्लीपर कोच बस यात्रियों को लेकर लखनऊ से रवाना हुई थी और उज्जैन होते हुए इंदौर की ओर जा रही थी। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बस शुक्रवार सुबह ब्यावरा बायपास पहुंची। इसी दौरान घूमावदार ब्रिज पर यह हादसा हो गया।
हादसे ने एक बार फिर लंबे और घुमावदार फ्लाईओवर व ब्रिज पर यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर भारी वाहनों और स्लीपर बसों के लिए ऐसे मोड़ों पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, गति नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
ब्रिज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद ब्रिज की संरचना और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। जिस स्थान पर बस हादसे का शिकार हुई, वहां तीखा मोड़ होने की बात सामने आई है। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को पहले से मोड़ की जानकारी देने वाले संकेतक और पर्याप्त गति नियंत्रण व्यवस्था जरूरी होती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय बस की वास्तविक गति कितनी थी और चालक को मोड़ का अनुमान क्यों नहीं लग पाया। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान बस की तकनीकी स्थिति, चालक की स्थिति, सड़क की बनावट, ब्रिज के मोड़ और अन्य परिस्थितियों को भी देखा जा सकता है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
बस के ब्रिज से नीचे गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में घायल यात्रियों को बाहर निकालने और उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया।
इस हादसे ने बस में सफर कर रहे यात्रियों के परिवारों को भी चिंता में डाल दिया। मृतकों के शवों को आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया की जाएगी। वहीं, घायलों के इलाज और उनकी स्थिति पर प्रशासन एवं अस्पताल की निगरानी बनी हुई है।
फिलहाल ब्यावरा बायपास पर हुए इस हादसे की जांच जारी है। चार यात्रियों की मौत और 12 लोगों के घायल होने की घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और खतरनाक मोड़ों पर यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।