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छत्तीसगढ़ में खेलों को मिलेगा बढ़ावा, खिलाड़ियों के विकास पर जोर

रायपुर: छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक में राज्य में खेलों को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में संघ के पदाधिकारियों […]

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  • September 12, 2026 5:45 pm IST, Published 2 hours ago

रायपुर: छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक में राज्य में खेलों को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में संघ के पदाधिकारियों की ओर से खेलों को बढ़ावा देने को लेकर कई उपयोगी सुझाव सामने आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ में अलग-अलग खेलों को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। बैठक का उद्देश्य भी राज्य में खेल गतिविधियों को विस्तार देने और भविष्य की योजनाओं पर विचार करना रहा।

विष्णु देव साय ने देश में खेलों के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और देश के लिए अधिक पदक हासिल कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय इसे युवाओं के विकास और राज्य की पहचान से भी जोड़ने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में युवा विभिन्न खेलों में रुचि रखते हैं और उनमें प्रतिभा भी मौजूद है। ऐसे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने के लिए उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य में खेलों के विकास की दिशा में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। अलग-अलग स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में खेलों को मजबूत बनाने के लिए सरकार और खेल संगठनों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। खिलाड़ियों की जरूरतों को समझते हुए योजनाएं तैयार करने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने से राज्य में खेलों का माहौल और मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि देश में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि का असर राज्यों में भी दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित किया है। ऐसे माहौल में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए भी नए अवसर तैयार करने की आवश्यकता है।

साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका जोर इस बात पर रहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर और मंच उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए खेल संगठनों के सुझावों और अनुभवों को भी महत्व दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण चर्चा के तौर पर देखा गया, जिसमें राज्य में खेलों की मौजूदा स्थिति और भविष्य में उन्हें और बेहतर बनाने को लेकर विचार साझा किए गए। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम और ऊंचा करेंगे।

मुख्यमंत्री के बयान से यह संकेत मिला कि राज्य में खेलों को लेकर दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार, खेल संघों और खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को लेकर हुई यह बैठक आने वाले समय में नई योजनाओं और पहलों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

 

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