प्रतापगढ़ में इंटरसिटी से कटीं 25 बकरियां, महिलाएं बचीं

प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां क्षेत्र से बुधवार को एक दर्दनाक रेल हादसे की खबर सामने आई। लखनऊ से प्रयागराज जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से करीब 25 बकरियों की मौत हो गई। हादसे के दौरान बकरियां रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई थीं। उन्हें हटाने का प्रयास […]

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  • September 17, 2026 12:30 pm IST, Published 1 hour ago

प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां क्षेत्र से बुधवार को एक दर्दनाक रेल हादसे की खबर सामने आई। लखनऊ से प्रयागराज जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से करीब 25 बकरियों की मौत हो गई। हादसे के दौरान बकरियां रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई थीं। उन्हें हटाने का प्रयास कर रहीं महिलाएं ट्रेन को आता देख किसी तरह पटरी से दूर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं। घटना के बाद कुछ देर के लिए रेल संचालन भी प्रभावित हुआ और मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान पहुंचे।

बारिश के दौरान रेलवे ट्रैक पर पहुंचा बकरियों का झुंड
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना प्रयागराज-लखनऊ रेलखंड पर हथिगवां थाना क्षेत्र के कृष्णाराम का पुरवा बिसहिया के आसपास हुई। बुधवार को क्षेत्र में बारिश हो रही थी। इसी दौरान बकरियों का झुंड रेलवे ट्रैक की ओर चला गया। बकरियों को चराने वाली महिलाएं भी उनके पीछे थीं और उन्हें ट्रैक से हटाने की कोशिश कर रही थीं। इसी बीच लखनऊ की ओर से प्रयागराज जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस वहां पहुंच गई।

ट्रेन को नजदीक आते देखकर महिलाओं ने बकरियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन अचानक बने हालात में सभी बकरियां समय रहते रेलवे ट्रैक से बाहर नहीं निकल सकीं। ट्रेन की चपेट में आने से बड़ी संख्या में बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में करीब 25 बकरियां मारी गईं

महिलाओं ने भागकर बचाई अपनी जान

हादसे का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि जिस समय ट्रेन रेलवे ट्रैक से गुजर रही थी, उस दौरान महिलाएं भी बकरियों के आसपास मौजूद थीं। ट्रेन को आता देखकर उन्होंने तत्काल पटरी से हटने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं किसी तरह भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचीं और उनकी जान बच गई। इस वजह से एक बड़ी मानवीय दुर्घटना टल गई।

स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो में भी रेलवे ट्रैक के आसपास बकरियों और ट्रेन के गुजरने का दृश्य दिखाई देता है। घटना के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में मृत बकरियों की संख्या को लेकर अंतर भी सामने आया है। कुछ रिपोर्टों में संख्या 25 बताई गई है, जबकि अन्य स्थानीय रिपोर्टों में इससे अधिक संख्या का उल्लेख किया गया है। इसलिए उपलब्ध पुष्ट रिपोर्टों के आधार पर इस खबर में संख्या करीब 25 बकरियां रखी जा रही है।

तीन पशुपालकों को हुआ बड़ा आर्थिक नुकसान

हादसे में मारी गई बकरियां स्थानीय पशुपालकों की बताई गई हैं। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार होरीलाल की 10, अशोक कुमार सरोज की 8 और श्याम कुमार की 7 बकरियां हादसे में मारी गईं। इस तरह तीन पशुपालकों की करीब 25 बकरियों की एक साथ मौत हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन कई परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में पशुओं की मौत संबंधित परिवारों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। घटना के बाद पशुपालकों में मायूसी का माहौल रहा।

आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार ट्रैक की स्थिति की जांच की गई और मृत बकरियों को हटाने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। हिन्दुस्तान ने बताया कि लालगोपालगंज से आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे थे। पुलिस की ओर से भी मामले को संज्ञान में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।

अमर उजाला की रिपोर्ट में भी हथिगवां क्षेत्र के कृष्णाराम का पुरवा बिसहिया में करीब 25 बकरियों के इंटरसिटी ट्रेन की चपेट में आने की पुष्टि की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि घटना बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे हुई और बकरियों को हटाने का प्रयास किया जा रहा था।

रेलवे ट्रैक के पास पशुओं को लेकर सतर्कता जरूरी

यह घटना रेलवे ट्रैक के आसपास पशुओं को खुला छोड़ने या चराने के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत को भी सामने लाती है। रेलवे ट्रैक अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र होते हैं, जहां ट्रेन की गति और ब्रेकिंग दूरी के कारण अचानक सामने आए पशु या व्यक्ति को हटाना बेहद मुश्किल हो सकता है।
बारिश के दौरान स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे मौसम में पशु कई बार सुरक्षित या ऊंचे स्थान की तलाश में रेलवे ट्रैक की ओर चले जाते हैं। पशुपालकों के लिए जरूरी है कि वे चराई के दौरान अपने पशुओं को रेलवे लाइन से पर्याप्त दूरी पर रखें और ट्रेन की आवाजाही वाले क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतें।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हादसे का वीडियो

घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में रेलवे ट्रैक, आसपास का ग्रामीण क्षेत्र और ट्रेन के गुजरने का दृश्य दिखाई देता है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। हालांकि किसी भी वायरल वीडियो को अंतिम तथ्य मानने के बजाय आधिकारिक जांच और विश्वसनीय समाचार स्रोतों की जानकारी को प्राथमिकता देना जरूरी है। प्रतापगढ़ पुलिस की ओर से वायरल वीडियो से जुड़े मामले को संबंधित थाना प्रभारी के संज्ञान में होने और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहने की जानकारी का उल्लेख भी रिपोर्ट में किया गया है।

बड़ी जनहानि टली

प्रतापगढ़ की इस घटना में बेशक बड़ी संख्या में बकरियों की मौत हुई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बकरियां चराने वाली महिलाएं समय रहते रेलवे ट्रैक से हट गईं। यदि वे ट्रेन के रास्ते में फंस जातीं तो हादसा और गंभीर हो सकता था। घटना ने रेलवे ट्रैक के आसपास पशुओं और लोगों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल भी खड़े किए हैं।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार रेलवे और स्थानीय प्रशासन की ओर से घटना की जांच की गई है। हादसे में मारी गई बकरियों के कारण प्रभावित पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, लेकिन हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाना उचित होगा।

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