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गाजियाबाद में फ्लैट में भीषण आग, समय रहते टला बड़ा हादसा

गाजियाबाद,। इंदिरापुरम के वैभव खंड स्थित पार्श्वनाथ मैजेस्टिक आवासीय परिसर में बुधवार दोपहर तीसरी मंजिल के एक फ्लैट में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। फ्लैट से तेज लपटें और घना धुआं निकलता देखकर सोसाइटी के लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वैशाली फायर स्टेशन से दमकल की […]

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  • September 17, 2026 12:03 pm IST, Published 1 hour ago

गाजियाबाद,। इंदिरापुरम के वैभव खंड स्थित पार्श्वनाथ मैजेस्टिक आवासीय परिसर में बुधवार दोपहर तीसरी मंजिल के एक फ्लैट में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। फ्लैट से तेज लपटें और घना धुआं निकलता देखकर सोसाइटी के लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वैशाली फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां और वाटर बाउजर मौके के लिए रवाना किए गए। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से आग को आसपास के फ्लैटों तक फैलने से रोक लिया गया। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, हालांकि फ्लैट में रखा घरेलू सामान और फर्नीचर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

तीसरी मंजिल के फ्लैट में उठीं आग की लपटें

जानकारी के अनुसार, आग पार्श्वनाथ मैजेस्टिक के डी-ब्लॉक स्थित फ्लैट संख्या डी-304 में लगी। बुधवार, 16 सितंबर को दोपहर करीब 1:32 बजे फायर स्टेशन वैशाली को घटना की सूचना मिली। इसके बाद दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो फायर टेंडर और एक वाटर बाउजर भेजे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की।

फ्लैट तीसरी मंजिल पर होने के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए विशेष तरीके से होज पाइप ऊपर तक पहुंचानी पड़ी। कर्मचारियों ने तीसरी मंजिल तक होज लाइन बिछाकर फ्लैट के अंदर प्रवेश किया और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। कुछ ही समय में आग को नियंत्रित कर लिया गया।

समय रहते बाहर निकले लोग

घटना के दौरान सबसे बड़ी राहत यह रही कि आग फैलने से पहले फ्लैट में मौजूद लोग बाहर निकलने में सफल रहे। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक फ्लैट की मालकिन अनीता खेत्रपाल करीब 60 वर्ष की बताई गई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने धुआं महसूस होने के बाद बाहर निकलकर मदद की सूचना दी, जबकि अन्य स्थानीय रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्लैट में मौजूद बुजुर्ग दंपति समय रहते बाहर निकल गए थे।

आग तेजी से फैलने के कारण कुछ ही देर में फ्लैट का बड़ा हिस्सा धुएं और लपटों की चपेट में आ गया। सोसाइटी के अन्य निवासियों में भी दहशत का माहौल बन गया। आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोगों ने एहतियात के तौर पर बाहर निकलकर स्थिति पर नजर रखी।

आग की वजह को लेकर अलग-अलग जानकारी

आग लगने के कारण को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने दमकल विभाग के हवाले से इसे शॉर्ट सर्किट से जुड़ा बताया है, जबकि हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में रसोई की गैस चिमनी से निकली चिंगारी को संभावित कारण बताया गया है। इसलिए आग की अंतिम वजह को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाना जरूरी है।

यह अंतर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आग के वास्तविक कारण की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार बताना उचित नहीं होगा।

दमकल की तत्परता से आसपास के फ्लैट बचे

दमकल विभाग की टीम ने आग को सीमित रखने पर विशेष ध्यान दिया। आवासीय परिसर में एक फ्लैट से दूसरे फ्लैट तक आग और धुआं तेजी से फैलने की आशंका रहती है। ऐसे में तीसरी मंजिल पर लगी आग को उसी फ्लैट तक सीमित रखना राहत की बात रही।

दमकल कर्मियों ने फ्लैट के भीतर जाकर आग बुझाने के साथ-साथ आसपास के हिस्सों की भी निगरानी की। रिपोर्टों के अनुसार आग पर करीब आधे घंटे में काबू पा लिया गया। इसके बाद भी दमकल कर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं कोई दोबारा आग न भड़के।

घरेलू सामान और फर्नीचर को भारी नुकसान

आग से फ्लैट के अंदर रखा घरेलू सामान, फर्नीचर और अन्य वस्तुएं प्रभावित हुईं। आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से निकलती लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं और फ्लैट के आसपास धुएं का गुबार नजर आ रहा था।

हालांकि आग को आसपास के फ्लैटों तक पहुंचने से पहले नियंत्रित कर लिया गया, जिससे संभावित बड़े नुकसान को रोका जा सका। घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी उपकरणों को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई।

सोसाइटी की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी सवाल

इस घटना ने बहुमंजिला और बहु-आवासीय परिसरों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की नियमित जांच की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में दमकल अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि संबंधित टावर में हौज रील लगी थी, लेकिन फायर फाइटिंग सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार दमकल की टीम ने सामने वाले टावर की व्यवस्था से पानी लिया।

ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि सोसाइटी का फायर सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो, आग बुझाने के उपकरण आसानी से उपलब्ध हों और निवासी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित हों, तो आग को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

निवासियों को सतर्क रहने की जरूरत

गाजियाबाद जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में अपार्टमेंट और सोसाइटी में आग की घटनाएं गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं। रसोई, बिजली के उपकरण, एयर कंडीशनर, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ी संभावित आग से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है।

निवासियों को समय-समय पर सोसाइटी के फायर एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, हौज रील और अलार्म सिस्टम की स्थिति की जानकारी रखनी चाहिए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और धुएं वाले स्थान से सुरक्षित दूरी बनाना जरूरी है।

पार्श्वनाथ मैजेस्टिक की घटना में समय पर सूचना मिलने और दमकल विभाग की कार्रवाई से आग को बड़े हादसे में बदलने से रोक लिया गया। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। आग से हुए नुकसान का आकलन और घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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