मॉस्को/कीव : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार को ड्रोन हमलों का एक बड़ा दौर सामने आया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की ओर से रूस के विभिन्न हिस्सों में 1,600 से अधिक ड्रोन भेजे गए, जिनमें बड़ी संख्या मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों की ओर बढ़े। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया है।
हमले के दौरान मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और एक आवासीय इमारत को नुकसान पहुंचने की सूचना है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक, हमलों में तीन लोगों की मौत हुई है। कई लोग घायल भी हुए हैं और कुछ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
1,600 से अधिक ड्रोन रोकने का रूसी दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ क्रीमिया और काला सागर के ऊपर भी बड़ी संख्या में यूक्रेनी ड्रोन को रोका या नष्ट किया गया। अलग-अलग रूसी अधिकारियों के बयानों में संख्या में अंतर दिखाई देता है, लेकिन मॉस्को के मेयर ने 19 सितंबर से अब तक 1,600 से अधिक ड्रोन के इंटरसेप्ट किए जाने की बात कही है। इनमें लगभग 450 ड्रोन मॉस्को की दिशा में आते हुए रोके जाने का दावा किया गया।
रूसी अधिकारियों के अनुसार, कई ड्रोन राजधानी तक पहुंचने में सफल रहे। इसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में आग और धुएं के दृश्य सामने आए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में औद्योगिक क्षेत्र के ऊपर धुएं के बड़े गुबार दिखाई दिए, हालांकि सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर वीडियो और उसके स्थान की स्वतंत्र पुष्टि तुरंत संभव नहीं थी।
तेल रिफाइनरी में नुकसान से बढ़ी चिंता
हमले में मॉस्को की तेल रिफाइनरी भी प्रभावित हुई। यह रिफाइनरी राजधानी क्षेत्र के लिए ईंधन आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों में शामिल है। रूसी अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन हमले के बाद परिसर में आग लगी और कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। Reuters के अनुसार, मॉस्को की यह रिफाइनरी वर्ष 2024 में करीब 11.6 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर चुकी थी।
ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रूस-यूक्रेन युद्ध में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के ऊर्जा और सैन्य ढांचे को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे हमलों का असर केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ईंधन आपूर्ति, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
आवासीय इमारत को भी पहुंचा नुकसान
मॉस्को क्षेत्र में एक आवासीय इमारत के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है। रूसी अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद प्रभावित इमारत से बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाला गया। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 400 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिनमें लगभग 70 बच्चे शामिल थे।
इस घटना ने राजधानी के आसपास नागरिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। रूस और यूक्रेन दोनों ही आम तौर पर यह कहते रहे हैं कि उनके हमलों का उद्देश्य सैन्य अथवा रणनीतिक ठिकाने होते हैं, जबकि युद्ध के दौरान कई बार नागरिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आती रही हैं।
रूसी चुनाव के अंतिम दिन हुआ हमला
इस बड़े ड्रोन हमले का समय भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। रूस में संसदीय चुनाव के तीसरे और अंतिम दिन यह हमला हुआ। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालना था। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई स्वतंत्र प्रमाण पेश नहीं किया।
रूस के अधिकारियों ने कहा कि हमले के बावजूद मतदान प्रक्रिया जारी रही। दूसरी ओर, यूक्रेन की ओर से हमले को लेकर जारी रिपोर्टों में रूस के तेल और लॉजिस्टिक्स ढांचे को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मॉस्को की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाए जाने की पुष्टि करते हुए इसे रूस की युद्ध क्षमता से जुड़े आर्थिक ढांचे पर दबाव बनाने की कार्रवाई बताया।
मॉस्को की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा दबाव
राजधानी की ओर एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे जाने की घटना रूस की वायु रक्षा व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में ड्रोन राजधानी तक पहुंचने से पहले ही रोक दिए गए। इसके बावजूद कुछ ड्रोन संवेदनशील औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों तक पहुंचे।
विशेषज्ञों के लिए इस हमले का एक महत्वपूर्ण पहलू इसकी व्यापकता है। यूक्रेन पिछले कुछ समय से लंबी दूरी तक पहुंचने वाले ड्रोन और अन्य हथियारों के इस्तेमाल के जरिए रूस के भीतर स्थित रणनीतिक प्रतिष्ठानों पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है। वहीं रूस भी यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले करता रहा है।
युद्ध में ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ी
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ड्रोन आधुनिक युद्ध का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। अपेक्षाकृत कम लागत वाले ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी से लेकर लंबी दूरी के हमलों तक किया जा रहा है। दोनों देशों ने अपनी ड्रोन तकनीक और उन्हें रोकने वाली प्रणालियों को तेजी से विकसित किया है।
हालिया घटनाक्रम यह संकेत देता है कि युद्ध का प्रभाव अब केवल अग्रिम मोर्चे तक सीमित नहीं है। राजधानी और बड़े औद्योगिक शहरों तक ड्रोन पहुंचने से सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और नागरिक जीवन पर इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है।
फिलहाल हमले से हुए कुल आर्थिक नुकसान और तेल रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता पर पड़े वास्तविक प्रभाव का पूरा आकलन सामने नहीं आया है। यूक्रेन की ओर से हमले के सभी विवरणों पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया भी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए आने वाले घंटों में रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के नए बयानों के साथ नुकसान और हमले के पैमाने से जुड़ी तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
नोट: शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या दो बताई गई थी, जबकि Reuters की बाद की रिपोर्ट में तीसरे व्यक्ति की अस्पताल में मौत के बाद संख्या तीन बताई गई है। इसलिए इस खबर में नवीनतम उपलब्ध आंकड़ा इस्तेमाल किया गया है।