नई दिल्ली। मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं के लिए फार्म-6 के साथ माता-पिता की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी जानकारी देने को लेकर उठे सवालों पर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया है। आयोग के अनुसार, यह घोषणा-पत्र निर्देशों के जरिए जोड़ा गया है और फार्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वर्ष बिहार में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से देशभर में 18 से 28 वर्ष की उम्र के 2.37 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं। इस आयु वर्ग में देश में कुल करीब 17.38 करोड़ मतदाता हैं।
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरने वाले नए मतदाताओं को अपने माता-पिता की एसआईआर संबंधी जानकारी देनी होगी। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि यह घोषणा-पत्र पिछले वर्ष बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भी इस्तेमाल किया गया था।
आयोग के अनुसार, इस जानकारी से नए मतदाताओं की मतदाता सूची में मैपिंग करने में मदद मिलती है। साथ ही, संबंधित दस्तावेजों की जानकारी पहले से उपलब्ध होने पर नए मतदाताओं को आवेदन के साथ अलग-अलग दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम हो सकती है।
ऑनलाइन फार्म-6 भरने वाले आवेदक तब तक आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकते, जब तक वे निर्धारित घोषणा-पत्र पूरा नहीं करते। चुनाव आयोग के दस्तावेजों में नए मतदाताओं के नामांकन के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा-पत्र का प्रावधान दर्ज है।
आयोग की जानकारी के मुताबिक, एसआईआर से संबंधित विवरण में पिछली मतदाता सूची में स्वयं या संबंधित रिश्तेदार का नाम खोजने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यदि दिए गए विवरण का मिलान नहीं होता है, तो संबंधित निर्वाचन अधिकारी आगे आवश्यक दस्तावेज मांग सकता है।
चुनाव आयोग की मौजूदा फार्म-6 व्यवस्था नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए है। इसमें नाम, रिश्तेदार का नाम, जन्मतिथि, पता और अन्य निर्धारित जानकारियां मांगी जाती हैं।