• होम
  • उत्तर प्रदेश
  • गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धांजलि सभा, महंत दिग्विजयनाथ को मुख्यमंत्री योगी ने किया नमन

गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धांजलि सभा, महंत दिग्विजयनाथ को मुख्यमंत्री योगी ने किया नमन

इस वर्ष आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन और समसामयिक विषयों पर सम्मेलन भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन के साथ विभिन्न सत्रों में संतों और विद्वानों की सहभागिता हो रही है। इससे पूरे सप्ताह गोरखनाथ मंदिर परिसर में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का क्रम...

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 29, 2026 1:06 pm IST, Published 1 hour ago

गोरखपुर में गोरक्षपीठ के पूर्व पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं पुण्यतिथि के अवसर पर  गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में 24 से 30 सितंबर तक सात दिवसीय श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ समाज और राष्ट्र से जुड़े समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श के कार्यक्रम भी रखे गए हैं। 23 सितंबर से महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ का आयोजन भी चल रहा है।

श्रद्धांजलि सभा में महंत दिग्विजयनाथ के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और गोरक्षपीठ से जुड़ी उनकी भूमिका को याद किया गया। गोरक्षपीठ की परंपरा में महंत दिग्विजयनाथ का योगदान धार्मिक गतिविधियों के साथ शिक्षा और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ा रहा है। उनकी स्मृति में आयोजित होने वाला यह वार्षिक कार्यक्रम इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर माना जाता है।

कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से संतों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। श्रद्धांजलि समारोह के माध्यम से गोरक्षपीठ से जुड़ी गुरु-परंपरा और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों को स्मरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में संतों ने महंत दिग्विजयनाथ की स्मृति को नमन किया।

महंत दिग्विजयनाथ लंबे समय तक गोरक्षपीठ से जुड़े रहे और 1935 से 1969 तक पीठाधीश्वर रहे। उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पक्षों में शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत प्रयास और सामाजिक गतिविधियां प्रमुख रूप से सामने आती हैं। गोरखपुर में शिक्षा के विस्तार से जुड़े उनके प्रयासों को भी श्रद्धांजलि समारोह के दौरान याद किया जा रहा है।

इस वर्ष आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन और समसामयिक विषयों पर सम्मेलन भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन के साथ विभिन्न सत्रों में संतों और विद्वानों की सहभागिता हो रही है। इससे पूरे सप्ताह गोरखनाथ मंदिर परिसर में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का क्रम बना हुआ है।

श्रद्धांजलि सभा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। श्रद्धांजलि सप्ताह के अगले चरण में राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस तरह गोरखनाथ मंदिर परिसर में दोनों पूर्व पीठाधीश्वरों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रमों का क्रम जारी रहेगा।

गोरखपुर में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा महंत दिग्विजयनाथ की स्मृति को समर्पित वार्षिक कार्यक्रमों की कड़ी का हिस्सा है। कार्यक्रम के दौरान संतों और श्रद्धालुओं ने उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की तथा गोरक्षपीठ की परंपराओं और उनके योगदान को स्मरण किया।

Advertisement