नयी दिल्ली: दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए INDIA ब्लॉक की बैठक को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवादों और सामने आए सवालों पर चर्चा के लिए विपक्षी दल एकजुट होकर बैठक कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि हाल के चुनावों में प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर चर्चा करना है। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को लेकर जिस तरह के सवाल उठे हैं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, उनके इन दावों और आरोपों पर संबंधित संस्थाओं तथा अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं अलग हो सकती हैं।
राजद नेता ने चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड और नियमों में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मतदान से संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की अवधि को कम किया गया है। तेजस्वी यादव के अनुसार, पहले मतदान संबंधी रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता था, लेकिन अब इसकी अवधि 45 दिनों तक सीमित कर दी गई है। उन्होंने इस बदलाव को लेकर विपक्ष की आपत्तियों का जिक्र किया।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया में पहले की तुलना में बदलाव किए गए हैं। उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया से भारत के मुख्य न्यायाधीश को बाहर किया गया। इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है। मतदान प्रतिशत को लेकर भी तेजस्वी यादव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदान पूरा होने के बाद वोटिंग प्रतिशत में बदलाव किया जाता है। हालांकि, यह उनके द्वारा लगाया गया राजनीतिक आरोप है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदान के आंकड़ों को लेकर समय-समय पर स्पष्टीकरण दिए जाते रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उन्हें बचाने के लिए पहले से कानून में बदलाव किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों पर विपक्ष को गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए। INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले सभी लोगों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाना चाहता है।
तेजस्वी यादव ने भाजपा की ओर से आने वाली संभावित प्रतिक्रियाओं को लेकर कहा कि इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है और यदि किसी स्तर पर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने लोकतंत्र के खिलाफ साजिश का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों को जेल भेजने की मांग की।
इस पूरे विवाद के बीच INDIA ब्लॉक की बैठक विपक्षी दलों के लिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी रणनीति तय करने का मंच बन सकती है। वहीं, चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल तेजस्वी यादव के बयान ने चुनावी प्रक्रिया, चुनाव आयोग की भूमिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।