पटना: में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए इंडिया गठबंधन के साझा आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहां से लोकतंत्र को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। तेजस्वी यादव ने विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
तेजस्वी यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन की नींव बिहार से ही पड़ी थी और SIR की शुरुआत भी बिहार से हुई है। उनके मुताबिक, बिहार के लोग लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखते हैं और किसी भी परिस्थिति में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को खत्म करने की शुरुआत बिहार से की जा रही है, इसलिए विपक्षी दलों ने मिलकर इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन करने का फैसला किया है।
RJD नेता ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल साझा रूप से सड़क पर उतरेंगे और SIR के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने आंदोलन के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 7 तारीख को गठबंधन के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता प्रखंड स्तर पर आक्रोश मार्च निकालेंगे। इस दौरान चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया जाएगा।
इसके अगले दिन यानी 8 तारीख को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर महागठबंधन के सहयोगी दल धरना देंगे। तेजस्वी यादव ने बताया कि पटना में गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता अलग से मार्च निकालकर राजभवन तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को एक मंच पर लाना है।
SIR को लेकर बिहार में पहले भी राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के नाम हटने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया बताया गया है। इसी मुद्दे पर बिहार की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी साथी इस मुद्दे पर एकजुट हैं और आगे भी सामूहिक रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बिहार के लोगों से लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आंदोलन में भाग लेने की अपील की। उनके मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे जनता के बीच लेकर जाएगा।
बिहार में होने वाले इन विरोध कार्यक्रमों के जरिए महागठबंधन SIR के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी में है। प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय और पटना में राजभवन तक प्रस्तावित मार्च के चलते आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।