यूपी में धार्मिक स्थलों तक पहुंच होगी आसान

 1,346 करोड़ से 8 सड़कों को फोरलेन बनाने की तैयारी लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख तीर्थस्थलों तक आवागमन सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार आठ महत्वपूर्ण सड़कों को चौड़ा कर फोरलेन बनाने की तैयारी कर रही है। इन परियोजनाओं पर कुल 1,346 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। […]

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  • October 7, 2026 10:10 am IST, Published 20 seconds ago

 1,346 करोड़ से 8 सड़कों को फोरलेन बनाने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख तीर्थस्थलों तक आवागमन सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार आठ महत्वपूर्ण सड़कों को चौड़ा कर फोरलेन बनाने की तैयारी कर रही है। इन परियोजनाओं पर कुल 1,346 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल इन योजनाओं से प्रदेश के कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

इन सड़कों के चौड़ीकरण से संभल स्थित श्री कल्कि धाम, सीतापुर का नैमिषारण्य, मुजफ्फरनगर का शुक्रताल, कुशीनगर के फाजिलनगर में स्थित भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण स्थल और फर्रुखाबाद का बौद्ध तीर्थ संकिसा जैसे प्रमुख स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

कल्कि धाम से गंगा एक्सप्रेसवे तक बनेगा फोरलेन मार्ग

संभल जिले में संभल-जोया मार्ग पर ऐंचोड़ा कंबोह स्थित कल्कि धाम से होते हुए गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज तक 18.26 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन बनाने की योजना है। इस परियोजना पर 140.77 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव की फाइल स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजी गई है।

नैमिषारण्य जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

सीतापुर जिले में कल्ली-नीमसार-पनाहगार मार्ग के 10 किलोमीटर हिस्से को 92.54 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाने की योजना है। इसके अलावा लखनऊ-सीतापुर मार्ग पर सिधौली से कल्ली चौराहा होते हुए नैमिषारण्य तक लगभग 29 किलोमीटर सड़क को चार लेन बनाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना पर करीब 287 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी की प्रक्रिया प्रस्तावित है।

मोरना-शुक्रताल मार्ग का भी होगा चौड़ीकरण

मुजफ्फरनगर जिले में मोरना से शुक्रताल तक 4.7 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 22.74 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इस संबंध में फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई है। सड़क के चौड़ा होने से शुक्रताल आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

मीरजापुर और संकिसा में भी सड़क विकास

मीरजापुर जिले में शास्त्री ब्रिज से दूधनाथ तिराहा होते हुए बस्तर तिराहा तक 2.4 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना तैयार की गई है। इस पर 70.30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए वित्त विभाग भेजा गया है।

फर्रुखाबाद जिले में मोहम्मदाबाद-संकिसा मार्ग के 1.6 किलोमीटर हिस्से को 14.22 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा करने की योजना है। वहीं, कुशीनगर जिले में फाजिलनगर-बघौचघाट मार्ग के 1.4 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए 19.47 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिल चुकी है।

बरेली में 41 किलोमीटर सड़क पर खर्च होंगे 699 करोड़

धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़क परियोजनाओं में बरेली जिले का अहिच्छत्र जैन मंदिर से आंवला होते हुए भमौरा तक का मार्ग भी शामिल है। लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना के तहत 41 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 699 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। यह मार्ग भमौरा से गंगा एक्सप्रेसवे के बिनावर इंटरचेंज को जोड़ता है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों तक पहुंच बेहतर करना और श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की यात्रा को सुविधाजनक बनाना है। सड़कें चौड़ी होने से यातायात सुगम होने के साथ संबंधित क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नोट: विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति अलग-अलग है। कुछ प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं, जबकि कुछ को मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण कार्य शुरू होने की समयसीमा संबंधित स्वीकृतियों और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

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