चंडीगढ़: पंजाब में बिजली की निर्बाध उपलब्धता और बिजली उत्पादन के लिए कोयले की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक की। इस दौरान राज्य की बिजली संबंधी जरूरतों, कृषि गतिविधियों और खाद्यान्न उत्पादन को जारी रखने के लिए आवश्यक संसाधनों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने पंजाब की मांगें रखते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसे बनाए रखने के लिए पर्याप्त बिजली और कोयले की उपलब्धता जरूरी है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पंजाब के कृषि और खाद्यान्न उत्पादन में योगदान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब केंद्रीय अनाज भंडार के लिए करीब 1.8 करोड़ मीट्रिक टन चावल का योगदान करता है। इस लक्ष्य को बनाए रखने के लिए खेती से लेकर फसल की कटाई, प्रसंस्करण और अन्य संबंधित गतिविधियों तक बिजली की निरंतर आपूर्ति आवश्यक है। बिजली की उपलब्धता प्रभावित होने पर इन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, जिससे खाद्यान्न उत्पादन की प्रक्रिया में कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका है। राज्य के किसान देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में लंबे समय से योगदान देते आ रहे हैं। ऐसे में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए बिजली की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने केंद्र के सामने यह बात रखी कि बिजली आपूर्ति में किसी तरह की बाधा किसानों और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
बैठक में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए कोयले की नियमित उपलब्धता महत्वपूर्ण है। यदि बिजली संयंत्रों को समय पर पर्याप्त कोयला मिलता है, तो बिजली उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर तरीके से बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से पंजाब को निर्बाध कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
भगवंत मान ने बैठक के बाद कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंजाब की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र की ओर से राज्य की लगभग सभी मांगों को स्वीकार करने और बिजली तथा कोयले की नियमित आपूर्ति बनाए रखने का भरोसा दिया गया है। उन्होंने इस बातचीत को पंजाब की आवश्यकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब भविष्य में देश के केंद्रीय अनाज भंडार में अपना योगदान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कृषि क्षेत्र को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता किसानों के साथ-साथ सिंचाई, फसल प्रबंधन और कृषि उत्पादों से संबंधित दूसरी गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार का मानना है कि बिजली और कोयले की आपूर्ति के मुद्दे का समाधान होने से पंजाब की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी। इससे कृषि क्षेत्र की गतिविधियों को सुचारू बनाए रखने और खाद्यान्न उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, आपूर्ति संबंधी आश्वासन के वास्तविक प्रभाव का आकलन आगे होने वाली व्यवस्था और उसके क्रियान्वयन के आधार पर किया जा सकेगा।
पंजाब देश के खाद्य सुरक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए राज्य की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करना कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम माना जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र के साथ हुई बैठक के जरिए इन्हीं आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाया। अब राज्य की नजर इस बात पर रहेगी कि बिजली और कोयले की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए गए आश्वासनों को किस तरह लागू किया जाता है।