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सांप के काटने से मौत दिखाने की साजिश का खुलासा, मेरठ कोर्ट ने सुनाई फांसी

मेरठ का यह मामला इसलिए चर्चा में रहा, क्योंकि शुरुआती तौर पर मौत की वजह सांप का काटना बताई गई थी, जबकि बाद में पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के आधार पर हत्या का मामला सामने आया। अदालत ने अब रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। आगे की कानूनी स्थिति पर अंतिम जानकारी संबंधित न्यायिक आदेश और उपलब्ध अपीलीय प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी।

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  • October 16, 2026 5:50 pm IST, Published 2 hours ago

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सांप कांड में अदालत ने अमित कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों को 7 अक्टूबर को हत्या का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए कड़ी सजा की मांग की। अपर जिला जज-12 की अदालत ने मामले में दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ ही करीब 17 महीने से चल रही कानूनी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।

यह मामला अप्रैल 2025 में अमित कश्यप की मौत के बाद सामने आया था। शुरुआत में मौत को सांप के काटने से हुई घटना बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की कथित भूमिका सामने आई। पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और परिस्थितियों की पड़ताल के बाद इसे हत्या की साजिश से जुड़ा प्रकरण माना।

अदालत में सजा पर सुनवाई के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। रविता और अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश किया गया। मृतक अमित की मां मुनेश और उसका भाई भी सुनवाई के दौरान अदालत पहुंचे। अभियोजन पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि हत्या की प्रकृति और मामले में सामने आए तथ्यों को देखते हुए दोनों दोषियों को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश ने दोनों दोषियों से पूछा कि क्या वे मृत्युदंड या आजीवन कारावास के संबंध में अपनी बात रखना चाहते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों ने इस सवाल पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड देने का फैसला सुनाया। मामले में अदालत के इस निर्णय को अभियोजन पक्ष की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

मृतक की मां मुनेश ने पहले आरोप लगाया था कि अमित की हत्या के बाद घटना को सांप के काटने से हुई मौत के रूप में पेश करने की योजना बनाई गई थी। मामले की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम साबित हुई, क्योंकि उसमें मौत का कारण दम घुटना बताया गया था। इसके अतिरिक्त, रविता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच से अमरदीप के साथ उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारियां सामने आने की बात भी कही गई। पुलिस ने इन परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश की जांच आगे बढ़ाई।

मामले में सामने आए बयानों के अनुसार, रविता ने अदालत के समक्ष अमित की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की थी। उसने बताया था कि घटना के समय उसने अमित के हाथ और मुंह पकड़ रखे थे, जबकि अमरदीप ने कथित तौर पर उसका गला दबाया। रविता के बयान के मुताबिक, घटना को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर घोड़ा पछाड़ प्रजाति का सांप भी छोड़ा गया था। हालांकि, इन विवरणों को मामले में दर्ज बयानों और न्यायिक रिकॉर्ड के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

मेरठ का यह मामला इसलिए चर्चा में रहा, क्योंकि शुरुआती तौर पर मौत की वजह सांप का काटना बताई गई थी, जबकि बाद में पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के आधार पर हत्या का मामला सामने आया। अदालत ने अब रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। आगे की कानूनी स्थिति पर अंतिम जानकारी संबंधित न्यायिक आदेश और उपलब्ध अपीलीय प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी।

 

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