नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में आंधी-बारिश ने नवरात्रि और दशहरे की तैयारियों को प्रभावित किया है। तमिलनाडु के कई शहरों में भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर थमने के बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश के कारण नवरात्रि तथा दशहरे की तैयारियों पर असर पड़ा है। सीहोर में तेज हवा के चलते कई पूजा पंडालों के तंबू उड़ गए। वहीं, महू में बारिश के कारण दशहरे के लिए तैयार किए गए रावण के पुतले भी भीग गए।
पिछले 24 घंटे के दौरान इंदौर और उज्जैन समेत प्रदेश के 11 जिलों में बारिश दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम ने त्योहारों के आयोजन से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पंडालों और सजावट को हुए नुकसान के कारण आयोजकों को तैयारियों में बदलाव करना पड़ सकता है।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का हल्का असर बना हुआ है। रविवार को जयपुर और अजमेर के कई इलाकों में बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। टोंक और बारां जिलों में भी बरसात दर्ज की गई।
मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश और ओलावृष्टि का असर स्थानीय जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। किसानों को अपनी फसलों की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद बारिश का सिलसिला थम गया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। बारिश से राहत मिलने के बाद लोगों को साफ मौसम देखने को मिल सकता है। हालांकि, तापमान में बदलाव और स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
तमिलनाडु के कोयंबटूर और चेन्नई में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन के लिए जलनिकासी व्यवस्था सुचारु रखना और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।
उत्तराखंड में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मसूरी और नैनीताल में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। वहीं, चारधाम और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में रात का तापमान शून्य से नीचे पहुंच रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में गिरते तापमान के कारण सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को गर्म कपड़े साथ रखने तथा मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की परिस्थितियां बदल रही हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश ने त्योहारों की तैयारियों को प्रभावित किया है, तमिलनाडु में भारी वर्षा से जलभराव की समस्या सामने आई है और उत्तराखंड में ठंड बढ़ रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।