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अमित शाह के पंजाब दौरे पर बलकौर सिंह का सवाल, पीड़ित परिवारों को न्याय कब?

सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में हुई थी। इस घटना ने पंजाबी संगीत जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों और परिवार को गहरा आघात पहुंचाया था। मूसेवाला ने संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी और वह राजनीति में भी सक्रिय रहे थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। उनके पिता बलकौर सिंह भी कांग्रेस से जुड़े हुए हैं...

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  • October 21, 2026 11:50 am IST, Published 2 hours ago

मानसा: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में उनके पिता बलकौर सिंह ने एक बार फिर न्याय मिलने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि बेटे की हत्या के बाद उन्हें न्याय दिलाने के आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक उन्हें वह न्याय नहीं मिला, जिसकी वे लंबे समय से उम्मीद कर रहे हैं। मानसा में धरने के दौरान बलकौर सिंह ने जांच प्रक्रिया और पीड़ित परिवारों से किए गए वादों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

बलकौर सिंह ने आरोप लगाया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद मामले की जांच को लेकर कई तरह के आश्वासन दिए गए थे। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) और सेवानिवृत्त न्यायाधीश के माध्यम से जांच कराने की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा, उनके संदेहों को दूर करने के लिए आरोपितों का नार्को टेस्ट कराने का भरोसा दिए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया। हालांकि, उनके मुताबिक, इन आश्वासनों के बावजूद उन्हें अपेक्षित नतीजे नहीं मिले हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पीड़ित परिवारों से मुलाकात की जाती है और उन्हें न्याय का भरोसा दिया जाता है, तो उन आश्वासनों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। बलकौर सिंह ने कहा कि परिवार लंबे समय से अपने बेटे की हत्या के मामले में न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि जांच और कार्रवाई के संबंध में कई बातें कही गईं, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में हुई थी। इस घटना ने पंजाबी संगीत जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों और परिवार को गहरा आघात पहुंचाया था। मूसेवाला ने संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी और वह राजनीति में भी सक्रिय रहे थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। उनके पिता बलकौर सिंह भी कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। हत्या के बाद मामले की जांच और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है। इस मामले में बलकौर सिंह समय-समय पर जांच की प्रगति और न्याय मिलने में हो रही देरी को लेकर अपनी बात रखते रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार को केवल आश्वासन देने के बजाय जांच से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब मिलने चाहिए।

मानसा में प्रदर्शन के दौरान बलकौर सिंह ने अन्य मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने झोटा हत्याकांड का जिक्र करते हुए सवाल किया कि इस मामले की जांच अश्विनी से आगे बढ़ी है या नहीं। उनके सवालों से यह स्पष्ट हुआ कि वह केवल अपने बेटे की हत्या के मामले को लेकर ही नहीं, बल्कि अन्य पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की प्रक्रिया को लेकर भी जवाबदेही चाहते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मुलाकात का मुद्दा भी इसी संदर्भ में सामने आया। बलकौर सिंह ने सवाल किया कि ऐसी मुलाकातों से परिवारों को क्या हासिल होता है, यदि उनकी शिकायतों और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।

उनके बयान में न्याय की प्रक्रिया को लेकर निराशा और जवाबदेही की मांग प्रमुख रूप से दिखाई दी। सिद्धू मूसेवाला के परिवार के लिए यह मामला केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया के नतीजे देखने की लंबी प्रतीक्षा भी है। बलकौर सिंह के ताजा बयान ने एक बार फिर इस मामले में जांच की प्रगति, सरकारी आश्वासनों और पीड़ित परिवारों की अपेक्षाओं को चर्चा में ला दिया है। अब इस मुद्दे पर संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई और जांच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर लोगों की नजर रहेगी।

 

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