जानकारी के अनुसार, नगर परिषद ने झील और उससे सटे पार्क के विकास के लिए एक आर्किटेक्ट फर्म से डिजाइन तैयार करवाया था। इसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी और आगे की प्रक्रिया के लिए शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय भेजा गया। मुख्यालय की ओर से डिजाइन और अनुमान में कुछ आपत्तियां दर्ज की गईं। इन आपत्तियों के बाद नगर परिषद ने प्रस्ताव में आवश्यक संशोधन किए, ताकि योजना को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
एक तरफ पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना आगे बढ़ने का इंतजार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ झील की वर्तमान स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। झील का पानी काला पड़ने लगा है और पानी की सतह पर काई की मोटी परत दिखाई देने लगी है। इससे झील की सुंदरता प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते सफाई और पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और खराब हो सकती है।
झील के आसपास बने पार्क की हालत भी बेहतर नहीं बताई जा रही है। परिसर में जगह-जगह गंदगी, सुरक्षा के लिए लगाई गई ग्रिल का टूटा होना और पर्याप्त रोशनी की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन कारणों से लोगों को पार्क में घूमने के दौरान असुविधा हो सकती है। शाम के समय रोशनी की कमी सुरक्षा के लिहाज से भी परेशानी पैदा कर सकती है।
प्रस्तावित परियोजना में वॉकिंग पाथ और व्यवस्थित पार्क विकसित करने की योजना शामिल है। इसके अलावा रंगीन लाइटों और बोटिंग जैसी सुविधाओं के माध्यम से झील को आकर्षक पर्यटन केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। रिफ्रेशमेंट जोन बनने से यहां आने वाले लोगों को खानपान की सुविधा भी मिल सकती है। इन व्यवस्थाओं से स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
हालांकि, परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक मंजूरी और आवश्यक प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी है। नगर परिषद की ओर से डिजाइन और अनुमान में संशोधन किए जाने के बाद अब आगे की कार्रवाई पर नजर है। जब तक अंतिम स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक आमटी झील के विकास की योजना को जमीन पर उतारना संभव नहीं होगा।
स्थानीय स्तर पर झील के संरक्षण और मौजूदा समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देने की जरूरत है। पर्यटन परियोजना के पूरा होने में समय लग सकता है, लेकिन इस दौरान नियमित सफाई, काई हटाने, पानी की स्थिति की जांच, टूटी ग्रिल की मरम्मत और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इससे झील और पार्क की वर्तमान स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब पांच करोड़ रुपये की इस प्रस्तावित परियोजना को मंजूरी कब मिलेगी और विकास कार्य कब शुरू होंगे। आमटी झील को पर्यटन स्थल बनाने की योजना शहर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन इसके लिए सरकारी प्रक्रिया के साथ-साथ मौजूदा परिसर के रखरखाव पर भी ध्यान देना जरूरी है।