बंगाल में हलफनामे के दस्तावेजों पर बवाल, CID जांच का दिया आश्वासन

राज्य की राजनीति में एक ओर उपचुनाव के परिणामों को लेकर चर्चा जारी है, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के भीतर का विवाद नए सवाल खड़े कर रहा है। दस्तावेजों को लेकर हुई कथित घटना ने पार्टी के दोनों गुटों के बीच तनाव को और उजागर किया है। हालांकि, आरोपों की...

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  • October 28, 2026 5:00 pm IST, Published 2 hours ago

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच हलफनामे से जुड़े दस्तावेजों पर कथित हमले का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में आश्वासन दिया कि यदि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है, तो जांच अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपी जा सकती है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज ले जा रहे ट्रक पर हमले और कागजात छीनने की कथित कोशिश जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक हलकों के बीच मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

यह विवाद तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच पार्टी पर दावेदारी को लेकर चल रही खींचतान से जुड़ा है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति के समर्थन में दस्तावेज और प्रमाण जुटाने में लगे हैं। इसी क्रम में तृणमूल के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष हलफनामा जमा कराने के लिए जरूरी दस्तावेज सड़क मार्ग से भेजे जा रहे थे। उनके मुताबिक, इसी दौरान हरियाणा सीमा के पास दस्तावेज ले जा रहे ट्रक को निशाना बनाया गया। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया था कि ट्रक पर हमला किया गया और उसमें मौजूद कागजात छीनने की कोशिश हुई।

उन्होंने इस घटना के पीछे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का हाथ होने की आशंका भी जताई थी। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों तथा जिम्मेदार लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस संबंध में संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान यह मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने आया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि ऋतब्रत बनर्जी इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हैं, तो जांच सीआईडी को सौंपी जाएगी। उनके बयान को इस मामले की जांच कराने की दिशा में एक आश्वासन के तौर पर देखा जा रहा है। सीआईडी राज्य में गंभीर और संवेदनशील मामलों की जांच करने वाली एजेंसी है। प्राथमिकी दर्ज होने और जांच सौंपे जाने के बाद ही इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद पार्टी के संगठनात्मक अधिकार और उसकी पहचान से जुड़े सवालों के कारण महत्वपूर्ण हो गया है। दोनों गुटों के बीच दावेदारी को लेकर दस्तावेजी प्रमाण जुटाने की प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले हलफनामे और अन्य दस्तावेज इस विवाद में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में दस्तावेजों को ले जा रहे वाहन पर कथित हमले का आरोप राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जा रहा है। इसी दिन पश्चिम बंगाल विधानसभा में हाल में हुए उपचुनावों में जीत हासिल करने वाली भाजपा की दो विधायकों ने शपथ ग्रहण की।

नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने वाली हासिरानी रथ और शखारभ सरकार ने सदन की सदस्यता की शपथ ली। दोनों विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री ने विधानसभा को संबोधित किया और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। राज्य की राजनीति में एक ओर उपचुनाव के परिणामों को लेकर चर्चा जारी है, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के भीतर का विवाद नए सवाल खड़े कर रहा है। दस्तावेजों को लेकर हुई कथित घटना ने पार्टी के दोनों गुटों के बीच तनाव को और उजागर किया है।

हालांकि, आरोपों की पुष्टि के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।फिलहाल मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि ऋतब्रत बनर्जी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है या नहीं और जांच किस तरह आगे बढ़ती है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही ट्रक पर कथित हमले और दस्तावेज छीनने की कोशिश से जुड़े आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

 

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