नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। तूफान अर्नब और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से उत्तराखंड में बर्फबारी, ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन तथा राजस्थान में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें नौ महीने का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं, अंडमान सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के और मजबूत होने की संभावना जताई गई है। इसके चलते नवंबर की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने करवट ली है। केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पहाड़ों में ठंड बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई देने लगा है।
बर्फबारी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
ओडिशा में चक्रवात से जुड़ी भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार को राज्य के कुछ इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नौ महीने का एक बच्चा भी शामिल है।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को व्यवस्थित रखने की चुनौती है।
राजस्थान में भी मौसम का असर देखने को मिला है। कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे हैं। इसके कारण कुछ इलाकों में तापमान में लगभग पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
तापमान में अचानक आई गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन मौसम में बदलाव के कारण ठंड का असर बढ़ने लगा है। किसानों के लिए बारिश और ओलावृष्टि चिंता का विषय बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खेतों में फसलें तैयार हो रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर अवदाब में बदल सकता है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से 2 और 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
यदि यह मौसमी प्रणाली और मजबूत होती है, तो तटीय क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। ऐसे में मछुआरों, तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और प्रशासन को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत होगी।
देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में बर्फबारी से ठंड बढ़ रही है, ओडिशा में भारी बारिश के बाद नुकसान की खबरें हैं और राजस्थान में ओलावृष्टि से तापमान गिरा है।
वहीं, नवंबर की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
नोट: तूफान अर्नब, दाना तूफान और आने वाली मौसमी प्रणाली की स्थिति तथा उनके प्रभावों से संबंधित पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। ताजा जानकारी के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों को प्राथमिकता दें।