इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी शुक्रवार को बड़ी मजबूती के साथ बंद हुआ। निफ्टी में 493.75 अंकों यानी 2.01 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 25,030.35 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले दो कारोबारी दिनों में निफ्टी में 1,070 अंकों से अधिक की बढ़त देखने को मिली है। प्रतिशत के लिहाज से यह लगभग साढ़े चार प्रतिशत की तेजी है। शेयर बाजार में आई इस तेजी को समझने के लिए पिछले कारोबारी सत्र के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है। गुरुवार को भी बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 2,009 अंक यानी 2.60 प्रतिशत उछलकर 79,310.01 पर बंद हुआ था। इसके बाद शुक्रवार को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा और सेंसेक्स ने 81 हजार के स्तर को पार कर लिया। इस तरह लगातार दो दिनों की बढ़त ने प्रमुख सूचकांक को नई मजबूती दी।
निफ्टी की बात करें तो गुरुवार को इसमें 576 अंकों यानी 2.40 प्रतिशत की तेजी आई थी। कारोबार समाप्त होने पर यह 24,536.60 के स्तर पर बंद हुआ था। शुक्रवार को भी खरीदारी जारी रहने से निफ्टी करीब 494 अंक और चढ़ गया। लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद यह 25,030.35 पर पहुंच गया। इस प्रदर्शन ने बाजार में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाया। दिवाली से पहले शेयर बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। त्योहारों के मौसम में बाजार में सकारात्मक कारोबार का असर निवेशकों की धारणा पर भी पड़ता है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार केवल एक या दो कारोबारी सत्रों की तेजी के आधार पर बाजार की भविष्य की दिशा तय करना उचित नहीं है। वैश्विक बाजारों का रुख, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कंपनियों के तिमाही नतीजे, ब्याज दरों से जुड़े फैसले और आर्थिक परिस्थितियां आगे भी बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन आई मजबूत तेजी से बाजार का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। दो दिनों में सेंसेक्स की लगभग 3,727 अंकों की बढ़त और निफ्टी की 1,070 अंकों से अधिक की छलांग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बाजार में इस तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति में भी बढ़ोतरी हुई होगी, हालांकि इसका वास्तविक आकलन कंपनियों के बाजार पूंजीकरण और निवेशकों की हिस्सेदारी के आधार पर किया जाता है। कुल मिलाकर दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है। सेंसेक्स का 81 हजार के पार और निफ्टी का 25 हजार के ऊपर बंद होना बाजार के लिए अहम उपलब्धि रही। अब निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी। बाजार में तेजी कितनी टिकाऊ साबित होती है, यह आने वाले दिनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों से स्पष्ट होगा।