नई दिल्ली : देश की प्रमुख इस्पात कंपनी Steel Authority of India Limited (सेल) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। डॉ. अशोक कुमार पांडा ने शुक्रवार को कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) का पदभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले वे कंपनी में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत थे। इसके साथ ही उन्होंने लगभग नौ महीने तक निदेशक (वाणिज्यिक) का अतिरिक्त प्रभार भी सफलतापूर्वक संभाला।
डॉ. पांडा का सेल के साथ तीन दशक से अधिक पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने वर्ष 1992 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेल में मैनेजमेंट ट्रेनी (टेक्निकल) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। मेहनत, तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने कंपनी में लगातार प्रगति करते हुए सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया।
अपने लंबे कार्यकाल के दौरान डॉ. पांडा ने सेल के विभिन्न संयंत्रों और इकाइयों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान उन्होंने संचालन, वित्त और वाणिज्यिक गतिविधियों से जुड़े कई अहम क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त किया। कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच उनकी पहचान एक कुशल प्रशासक के रूप में रही है।
निदेशक (वित्त) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. पांडा ने कंपनी की परिचालन क्षमता और लाभप्रदता बढ़ाने के लिए कई रणनीतिक पहल कीं। उन्होंने उत्पादन बढ़ाने, उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और उत्पाद बास्केट को समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। इसके अलावा संचालन, बिक्री एवं विपणन, मानव संसाधन और वित्त से संबंधित कई नीतियों में सुधार और पुनर्गठन भी उनके नेतृत्व में किया गया।
वहीं निदेशक (वाणिज्यिक) के अतिरिक्त प्रभार के दौरान उन्होंने बाजार की मांग और वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप कंपनी की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया। उनके नेतृत्व में बिक्री मात्रा बढ़ाने, नेट सेल्स रियलाइजेशन (NSR) में सुधार, इन्वेंट्री कम करने तथा उत्पाद ब्रांडिंग को सशक्त बनाने के लिए कई प्रभावी प्रयास किए गए।
डॉ. पांडा को एक जन-केंद्रित और समावेशी नेतृत्व शैली वाला अधिकारी माना जाता है। टीम निर्माण, कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने की उनकी क्षमता हमेशा उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है। कंपनी के भीतर उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है जो संवाद और सहयोग के माध्यम से संगठन को आगे बढ़ाने में विश्वास रखते हैं।
चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक का पदभार संभालने के बाद डॉ. पांडा ने सेल की भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सेल अब 35 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) क्षमता विस्तार के अगले चरण की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही कंपनी अपने सभी कार्यस्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी के विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए घरेलू खनन को मजबूत करना और विदेशों में खनन परिसंपत्तियों की संभावनाओं की तलाश करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने, वैल्यू एडेड उत्पादों पर विशेष ध्यान देने और ब्रांड को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में भी कंपनी लगातार काम करेगी।
डॉ. पांडा ने यह भी कहा कि सेल का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन सुनिश्चित करना है। उनके नेतृत्व में कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय इस्पात उद्योग में और अधिक मजबूती के साथ अपनी भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है।
गौरतलब है कि सेल देश की सबसे बड़ी सरकारी इस्पात कंपनियों में शामिल है और देश के औद्योगिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डॉ. ए.के. पांडा की नियुक्ति को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में संगठन को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।