नई दिल्ली : दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र में होम्योपैथी को लेकर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, और इसी कड़ी में डॉ. दीवाकर श्रीवास्तव का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। BHMS डिग्री धारक और AYUSH से मान्यता प्राप्त डॉ. श्रीवास्तव पिछले 17 वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहे हैं और अपने अनुभव व समर्पण से उन्होंने एक खास पहचान बनाई है।
डॉ. दीवाकर श्रीवास्तव को एक क्लासिकल होम्योपैथ के रूप में जाना जाता है, जो बीमारी की जड़ तक जाकर इलाज करने में विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि हर मरीज अलग होता है, इसलिए हर बीमारी का इलाज भी मरीज की प्रकृति और उसकी स्थिति के अनुसार ही किया जाना चाहिए। यही वजह है कि वे इलाज के दौरान मरीज की पूरी केस हिस्ट्री पर विशेष ध्यान देते हैं।
मरीजों के बीच उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें 98 प्रतिशत सकारात्मक फीडबैक मिला है। अनगिनत मरीजों ने उनके इलाज और व्यवहार को सराहा है। मरीजों का कहना है कि डॉ. श्रीवास्तव न सिर्फ दवाइयों के माध्यम से बल्कि अपनी काउंसलिंग और मार्गदर्शन से भी उन्हें राहत पहुंचाते हैं।
उनकी प्राथमिकता ‘टोटल पेशेंट सैटिस्फैक्शन’ यानी पूर्ण मरीज संतुष्टि है। वे हर मरीज के साथ समय बिताकर उसकी समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उसी के आधार पर इलाज तय करते हैं। यही वजह है कि कई पुराने और जटिल रोगों में भी उनके इलाज से सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
दिल्ली में जहां एक ओर एलोपैथी का बोलबाला है, वहीं डॉ. दीवाकर श्रीवास्तव जैसे विशेषज्ञ होम्योपैथी को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में स्थापित कर रहे हैं। उनके अनुभव, समर्पण और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता उन्हें इस क्षेत्र में अलग पहचान दिला रही है।