मध्य प्रदेश : कुआं धंसने से 5 मजदूर मलबे में दबे, 3 के शव मिले

परिजनों का आरोप- 3 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा प्रशासन पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के अजयगढ़ जनपद के बीहरपुरवा के नयापुरवा गांव में एक खेत पर कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। इस हादसे में […]

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  • May 26, 2026 3:10 pm IST, Published 2 hours ago

परिजनों का आरोप- 3 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा प्रशासन

पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के अजयगढ़ जनपद के बीहरपुरवा के नयापुरवा गांव में एक खेत पर कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। इस हादसे में 5 मजदूर मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक 3 मजदूरों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि 2 अन्य को निकालने की कोशिशें जारी हैं।

इस संवेदनशील घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि हादसे के 3 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची। थक-हारकर ग्रामीणों ने खुद निजी स्तर पर जेसीबी (JCB) मशीन मंगवाई और मलबा हटाने का काम शुरू किया।

पानी पीने बाहर आए 2 मजदूर और पीछे से ढह गया कुआं

यह हादसा मंगलवार (26 मई 2026) सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, नयापुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत पर पिछले 10 दिनों से 7 मजदूर कुएं की खुदाई का काम कर रहे थे।

दोपहर के वक्त दो मजदूर पानी पीने के लिए कुएं से बाहर निकलकर ऊपर आए ही थे कि अचानक कुएं की कमजोर और गीली मिट्टी भरभरा कर नीचे ढह गई। कुएं के अंदर काम कर रहे चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव, चुनवाद पाल सहित एक अन्य मजदूर मलबे में समा गए। ग्रामीणों ने खुद मेहनत कर राजकुमार यादव, चुनवाद पाल और एक अन्य मजदूर का शव बाहर निकाल लिया है।

हादसे का शिकार हुए लोगों में से तीन मजदूर एक ही परिवार के सदस्य हैं। मलबे से अपनों को निकालने की जद्दोजहद में जुटे एक युवक ने रोते हुए बताया कि कुएं के मलबे में दबे 5 लोगों में उसके पिता, चाचा, चचेरा भाई और उनके साथी शामिल हैं। हादसे के बाद से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 सरपंच पर गंभीर आरोप: “खतरे की जानकारी थी, ज्यादा दिहाड़ी का लालच देकर भेजा”

मृतक मजदूरों के परिजनों ने स्थानीय ग्राम प्रधान (सरपंच) पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं:

  • जानबूझकर खतरे में डाला: परिजनों का कहना है कि यह कुआं पिछले साल की खुदाई और पानी के रिसाव की वजह से पहले से ही काफी कटा हुआ और बेहद खतरनाक स्थिति में था। कोई भी मजदूर वहां उतरने को तैयार नहीं था, लेकिन सरपंच ने जबरन काम चालू रखा।

  • ज्यादा दिहाड़ी का लालच: आरोप है कि सरपंच को पता था कि वहां जान का खतरा है, इसलिए उसने मजदूरों को बुलाने के लिए सामान्य मजदूरी (₹350) से बढ़ाकर ₹500 दिहाड़ी का लालच दिया। गरीब मजदूर पैसों की मजबूरी में काम करने चले गए।

  • सरपंच फरार: ग्रामीणों के मुताबिक, जैसे ही कुआं धंसा और हादसा हुआ, सरपंच मौके से भाग निकला।

 मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार, सरकारी तंत्र नदारद

हादसे के बाद घंटों तक प्रशासनिक मदद न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने सरकार और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार के युवक ने हाथ जोड़कर और रोते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की अपील की है। उसने कहा, “यहां पूरी तरह से भ्रष्टाचार मचा हुआ है। हमारी आवाज मुख्यमंत्री जी तक पहुंचनी चाहिए, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और हमारे अपनों को निकाला जा सके।”

फिलहाल मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हैं और अपनी ही मशीनों से मलबे के नीचे दबे बाकी दो मजदूरों को तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक संवेदनशीलता और मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े नियमों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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