अखिलेश यादव ने फर्जी एनकाउंटर के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पुलिस व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि फर्जी एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को यह समझना चाहिए कि सरकार अपने राजनीतिक और प्रशासनिक फायदे के लिए उनका इस्तेमाल कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों को एक जिम्मेदार अधिकारी से अपराधी बना दिया जाता है। उनके मुताबिक, कई पुलिसकर्मी यह जानते हुए भी कथित फर्जी एनकाउंटर का हिस्सा बनते हैं कि यह गैरकानूनी है, लेकिन दबाव और व्यवस्था के कारण वे इसमें शामिल हो जाते हैं।
सपा प्रमुख ने इस दौरान पुलिसकर्मियों की मानसिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल कई पुलिसकर्मी मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। उनका कहना था कि जो लोग एक पल में किसी की जान ले देते हैं, वे बाद में खुद भी अंदर ही अंदर मानसिक और भावनात्मक दबाव में जीते हैं।
अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग अपनी छवि मजबूत करने और सख्त कार्रवाई दिखाने के लिए पुलिस का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में न्याय अदालतों के जरिए होना चाहिए, न कि कथित मुठभेड़ों के माध्यम से।
सपा प्रमुख के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार प्रदेश में कानून व्यवस्था और एनकाउंटर नीति को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि सरकार का दावा है कि अपराध पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर को लेकर बहस एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। अब देखना होगा कि उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।