उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में जिस तेज़ी से बदलाव देखा है, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य ने “बीमारू राज्य” की छवि से निकलकर देश की आर्थिक और औद्योगिक ताकत बनने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। कभी अपराध, भ्रष्टाचार और खराब बुनियादी ढांचे के लिए चर्चित रहने वाला उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, निवेश, पर्यटन और कानून व्यवस्था के मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
साल 2017 में जब योगी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के आसपास थी। आज यह बढ़कर करीब 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। यह परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर गांवों, शहरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन में साफ दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है और “ग्रोथ इंजन ऑफ इंडिया” के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में कानून व्यवस्था को मजबूत करना माना जाता है। राज्य में माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई। अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई और गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई ने अपराध जगत में भय का माहौल पैदा किया। परिणामस्वरूप दंगों और बड़े अपराधों में कमी दर्ज की गई। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने में सक्षम हो पाया है। प्रयागराज महाकुंभ और अयोध्या दीपोत्सव जैसे आयोजनों ने विश्व स्तर पर प्रदेश की छवि को मजबूत किया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक छलांग लगाई है। राज्य आज देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बन चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे ने प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों को नई पहचान दी है। इन परियोजनाओं ने न केवल यात्रा को आसान बनाया बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। इसके साथ ही नए एयरपोर्ट, मेट्रो परियोजनाएं और रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण के जरिए उत्तर प्रदेश आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने गरीबों और जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत करोड़ों शौचालय बनवाए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार हुआ। उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए, जिससे धुएं से होने वाली बीमारियों में कमी आई। कन्या सुमंगला योजना जैसी पहल ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
निवेश और उद्योग के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर परियोजना ने राज्य को रक्षा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ प्रदेश की औद्योगिक क्षमता भी मजबूत हो रही है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या का विकास योगी सरकार की सबसे चर्चित उपलब्धियों में शामिल है। Ayodhya Ram Mandir के निर्माण के बाद अयोध्या वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रही है। दीपोत्सव कार्यक्रम में बने विश्व रिकॉर्ड और लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने उत्तर प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और मथुरा-वृंदावन विकास परियोजनाओं ने भी सांस्कृतिक विरासत को नया स्वरूप दिया है। योगी सरकार अपनी उपलब्धियों को विकास, सुरक्षा और सुशासन के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की जिस रफ्तार को हासिल किया है, उसने राज्य की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का प्रयास किया है। कानून व्यवस्था से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश से लेकर सांस्कृतिक पुनर्जागरण तक, योगी सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।