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AIIMS बठिंडा के दीक्षांत समारोह में बोले जे.पी. नड्डा, मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था ही विकसित भारत की नींव

बठिंडा: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने AIIMS बठिंडा के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक विकसित भारत के निर्माण के लिए मजबूत और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने और आम लोगों तक बेहतर […]

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  • June 2, 2026 4:19 pm IST, Published 2 hours ago

बठिंडा: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने AIIMS बठिंडा के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक विकसित भारत के निर्माण के लिए मजबूत और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने और आम लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कैंसर उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक PET-CT स्कैन सुविधा, दूसरी HELA यूनिट, बर्न ICU, हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलरेटर सेंटर तथा चाइल्ड डेवलपमेंट एंड अर्ली इंटरवेंशन सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से पंजाब और आसपास के राज्यों के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध होगा।

नड्डा ने कहा कि पिछले एक दशक में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। केंद्र सरकार ने पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें All India Institute of Medical Sciences Bathinda की स्थापना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य संस्थानों और नई चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने संक्रामक रोगों के नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पोलियो उन्मूलन, मातृ एवं नवजात टेटनस नियंत्रण तथा ट्रैकोमा जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण देश की स्वास्थ्य नीतियों की सफलता का परिणाम है। साथ ही, टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का भी उन्होंने उल्लेख किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य नीति को केवल उपचार तक सीमित न रखकर रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन, बुजुर्ग देखभाल और पुनर्वास जैसी सेवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। इसी दिशा में देशभर में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का विस्तार किया गया है, जो लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं।

उन्होंने चिकित्सा छात्रों और स्वास्थ्य पेशेवरों से अनुसंधान, नवाचार और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा को बढ़ावा देने का आह्वान किया। नड्डा ने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचा और संसाधन उपलब्ध करा सकती है, लेकिन किसी भी स्वास्थ्य संस्थान की वास्तविक ताकत उसके डॉक्टर, शोधकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी होते हैं। उन्होंने युवाओं से चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

 

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