मेरठ/हापुड़: उत्तर प्रदेश के मेरठ में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक हिस्ट्रीशीटर पिता ने अपने ही 23 वर्षीय जवान बेटे की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि हत्या करने के बाद कलयुगी पिता ने खुद अपनी बहू (बेटे की पत्नी) को फोन किया और कहा— “तुम्हारे पति की डेड बॉडी कार में पड़ी है, जाकर उठा लो।” पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता और उसके मददगार दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात सोमवार रात मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेरठ-बुलंदशहर हाईवे की है। हापुड़ के दोयमी गांव का रहने वाला 23 वर्षीय तुषार त्यागी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। सोमवार रात पांची गांव के पास उसकी ही स्कॉर्पियो कार में तुषार का खून से लथपथ शव मिला।
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि तुषार के पिता सुंदर त्यागी (जो कि थाने का हिस्ट्रीशीटर है) ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पहले जमकर बीयर पी। इसके बाद साज़िश के तहत बेटे तुषार को बहाने से हाईवे पर बुलाया। जैसे ही तुषार वहां पहुंचा, पिता ने उसके माथे और गले पर बिल्कुल करीब से गोलियां दाग दीं। तुषार का शव कार की स्टीयरिंग पर ही ढह गया।
आखिर एक पिता अपने ही जवान बेटे का कातिल क्यों बन गया? पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता सुंदर त्यागी ने जो वजह बताई, उसने सबको चौंका दिया। आरोपी को शक था कि उसका बेटा तुषार उसकी हत्या करके सारी प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है। दोनों के बीच ज़मीन-जायदाद को लेकर पहले भी कई बार हिंसक विवाद हो चुका था।
इसी बीच किसी ने सुंदर त्यागी के कान भर दिए कि उसके बेटे ने उसे रास्ते से हटाने के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दे दी है। इस अफवाह के बाद पिता के सिर पर खून सवार हो गया और उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर बेटे को ही रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना डाला।
मृतक तुषार की बहन मोना ने रूह कंपा देने वाली उस रात की पूरी कहानी बयां की। मोना ने बताया:
“सोमवार रात करीब 8 बजे भाई को एक कॉल आया, जिसके बाद वह खाना पैक कराकर स्कॉर्पियो से निकल गया। रात 9 बजे भाई के फोन से भाभी शिखा को कॉल आया। फोन उठते ही भाई की चीख सुनाई दी कि अरविंद त्यागी और उसके साथी उसे किडनैप करके जंगल की तरफ ले जा रहे हैं, वे उसे मार डालेंगे! इसके बाद फोन कट गया।”
परिजन घबराकर रात में ही जंगलों में तुषार को ढूंढने निकले, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। करीब एक घंटे बाद जब वे निराश होकर घर लौटे, तो उनके साथ गए गांव के एक लड़के के फोन पर दोबारा कॉल आई।
दूसरी तरफ से कॉल करने वाले ने खुद को अरविंद त्यागी बताया और तुषार की पत्नी शिखा से बात कराने को कहा। जब शिखा फोन पर आई, तो कॉलर ने बेहद ठंडे लहजे में कहा कि उसने तुषार को गोली मार दी है, उसकी लाश स्कार्पियो में पड़ी है, जाकर उठा लो। इसके बाद परिजन बदहवास हालत में पुलिस के पास पहुंचे। देर रात पुलिस जब पांची अंडरपास के पास पहुंची, तो स्कॉर्पियो के अंदर तुषार मृत पाया गया।
इस घटना के बाद से मृतक तुषार की मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेसुध हो जा रही है। इलाके में इस वारदात के बाद से भारी तनाव और सन्नाटा पसरा हुआ है।