नई दिल्ली/वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों के बीच अमेरिकी गायिका और भारत समर्थक आवाज़ के रूप में पहचानी जाने वाली मैरी मिलबेन का एक बयान सुर्खियों में आ गया है। मिलबेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सलाह देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है, तो ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और आपसी विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
मैरी मिलबेन का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया की निगाहें G-7 शिखर सम्मेलन पर टिकी हुई हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकार इस संभावित मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
मिलबेन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ट्रंप से बातचीत के लिए तैयार होना अपने आप में एक सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में यह बैठक केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि अमेरिका के लिए भी बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में कुछ मुद्दों को लेकर पैदा हुई दूरियों को खत्म करने का यह सही अवसर हो सकता है।
अमेरिकी गायिका का मानना है कि भारत आज वैश्विक मंच पर एक मजबूत आर्थिक और रणनीतिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। ऐसे में अमेरिका के लिए भारत के साथ विश्वास और सम्मान पर आधारित रिश्ते बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देशों को भविष्य में रक्षा, व्यापार, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है, तो नेतृत्व स्तर पर सकारात्मक संदेश जाना चाहिए।
मैरी मिलबेन ने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और भारतीय जनता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करते हुए ऐसे कदम उठाने चाहिए, जो दोनों देशों के बीच विश्वास को और मजबूत करें। उनके अनुसार, सार्वजनिक रूप से माफी मांगना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक रणनीति, तकनीकी साझेदारी और व्यापारिक समझौतों के क्षेत्र में दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। हालांकि, कुछ नीतिगत मतभेदों और वैश्विक मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण के कारण समय-समय पर तनाव की स्थिति भी देखने को मिली है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जी-7 सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप के बीच मुलाकात होती है, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा मिल सकती है। यह बैठक वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर साझा रणनीति बनाने की दिशा में भी अहम साबित हो सकती है।
मैरी मिलबेन लंबे समय से भारत और भारतीय संस्कृति की प्रशंसक रही हैं। वह कई मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारत-अमेरिका साझेदारी की खुलकर सराहना कर चुकी हैं। उनके ताजा बयान ने एक बार फिर दोनों देशों के संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अब सबकी निगाहें जी-7 सम्मेलन और मोदी-ट्रंप मुलाकात पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत भारत-अमेरिका संबंधों को किस नई दिशा में ले जाती है।
(नोट: यह खबर मैरी मिलबेन के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। किसी भी दावे की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक स्रोतों से की जानी चाहिए।)