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जेवर एयरपोर्ट के लिए ग्रेटर नोएडा से चार नए बस रूट प्रस्तावित, लाखों यात्रियों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

ग्रेटर नोएडा। देश के सबसे महत्वाकांक्षी विमानन परियोजनाओं में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के संचालन की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट […]

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  • June 16, 2026 9:30 am IST, Published 2 hours ago

ग्रेटर नोएडा। देश के सबसे महत्वाकांक्षी विमानन परियोजनाओं में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के संचालन की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास के क्षेत्रों को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए चार प्रमुख बस रूट प्रस्तावित किए गए हैं।

इन रूटों के माध्यम से हजारों दैनिक यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और पर्यटकों को सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। प्रस्तावित बस सेवा का उद्देश्य शहर के विभिन्न आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को एयरपोर्ट से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को निजी वाहनों या महंगे टैक्सी किराए पर निर्भर न रहना पड़े। अधिकारियों का मानना है कि यह सेवा एयरपोर्ट तक पहुंचने का सबसे किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी।

रूट नंबर-1: ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित रूट नंबर-1 की कुल लंबाई लगभग 68 किलोमीटर होगी और इसमें 23 स्टॉपेज निर्धारित किए गए हैं। यह बस चार मूर्ति (गौर चौक) से शुरू होकर डी-मार्ट, बिसरख मोड़, ऐस सिटी, खेड़ा चौगानपुर, पुलिस लाइन, सूरजपुर टी-पॉइंट, कलेक्ट्रेट, जगत फार्म, परी चौक, जीबीयू विश्वविद्यालय, दनकौर और जेवर कट होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचेगी।

यह मार्ग विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए यात्रियों को कई बार वाहन बदलने पड़ सकते हैं, लेकिन नई बस सेवा शुरू होने के बाद उन्हें सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।

रूट नंबर-2: छात्रों और कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधा
रूट नंबर-2 लगभग 82 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 32 स्टॉपेज प्रस्तावित हैं। यह बस चार मूर्ति, डी-मार्ट, बिसरख मोड़, सूरजपुर पुलिस चौकी, देवला तिराहा, फिनटेक पार्क, मकौड़ा रोटरी, ओमिक्रॉन-3, कासना, जिला अस्पताल, जीबीयू विश्वविद्यालय, गलगोटिया, दनकौर, नॉलेज पार्क क्षेत्र और जेवर कट होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगी।

यह मार्ग विशेष रूप से नॉलेज पार्क, कासना औद्योगिक क्षेत्र, विश्वविद्यालयों और निजी कंपनियों में कार्यरत लोगों के लिए लाभदायक होगा। बड़ी संख्या में छात्र और कर्मचारी इस रूट का उपयोग कर सकेंगे, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध हो जाएगी।

रूट नंबर-3: शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ेगा
लगभग 55 किलोमीटर लंबे रूट नंबर-3 में 23 स्टॉपेज प्रस्तावित किए गए हैं। यह बस मकौड़ा रोटरी, एल्डेको, मिग-2, एल्डेन टॉवर, शारदा अस्पताल, एक्सपो मार्ट, नॉलेज पार्क, जीबीयू विश्वविद्यालय, दनकौर, रोजा और खुर्जा मोड़ होते हुए एयरपोर्ट पहुंचेगी।

यह रूट उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा जो ग्रेटर नोएडा के शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और व्यापारिक केंद्रों से एयरपोर्ट तक सफर करना चाहते हैं। इंडिया एक्सपो मार्ट और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में आयोजित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में आने वाले आगंतुकों को भी इस सेवा का लाभ मिलेगा।

रूट नंबर-4: औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी मजबूती
रूट नंबर-4 की लंबाई लगभग 74 किलोमीटर होगी और इसमें 27 स्टॉपेज रखे गए हैं। यह बस इकोटेक-16, एक मूर्ति चौक, तिलपता गोलचक्कर, मकौड़ा रोटरी, ओमिक्रॉन-3, कासना, जीबीयू विश्वविद्यालय, गलगोटिया, दनकौर, खुर्जा मोड़ और जेवर कट से होकर एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। इस मार्ग से इकोटेक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही उद्योगों से जुड़े व्यवसायियों और निवेशकों के लिए भी एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी।

यात्रियों को होंगे कई फायदे
इन प्रस्तावित बस सेवाओं के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को कई लाभ मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए अलग-अलग साधनों का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने से सड़क पर निजी वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

बस सेवाएं अपेक्षाकृत कम किराए पर उपलब्ध होने की संभावना है, जिससे आम यात्रियों को आर्थिक राहत मिलेगी। विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

जेवर एयरपोर्ट बनेगा विकास का नया केंद्र
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद न केवल हवाई यातायात बढ़ेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क और सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं इस विकास को और गति देंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट से जुड़ी बस सेवाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। भविष्य में मेट्रो, रैपिड रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं के जुड़ने से ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।

कुल मिलाकर, प्रस्तावित चार बस रूट केवल परिवहन सुविधा नहीं हैं, बल्कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे नए आर्थिक और शहरी ढांचे की मजबूत नींव भी हैं। इनके शुरू होने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई पहचान मिलेगी।

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