मध्य प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) के नियमों में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किए जाने की संभावना है।
नए प्रस्ताव के अनुसार, यदि अनुकंपा नियुक्ति पाने वाला व्यक्ति अपने परिवार को छोड़ता है या भरण-पोषण से इनकार करता है, तो उसकी नौकरी रद्द की जा सकती है। इससे नियुक्ति की जिम्मेदारी और पारिवारिक दायित्व को जोड़ने पर जोर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, आश्रित परिवारों को दी जाने वाली पांच साल की भरण-पोषण सहायता को खत्म करने पर चर्चा हुई थी, लेकिन वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग इस पर सहमत नहीं हुए, इसलिए यह व्यवस्था जारी रह सकती है। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की मृत्यु पर परिजनों को मिलने वाली 2 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह व्यवस्था 2014 से लागू है।
नए प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि—