अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने NEET UG 2026 से जुड़े दो अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों का खुलासा करते हुए बिहार और राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में परीक्षा रिफंड के नाम पर धोखाधड़ी और “पेपर लीक” का झांसा देकर छात्रों से ठगी की जा रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि बिहार के गया जिले के 19 वर्षीय छात्र नवीन कुमार यादव कथित तौर पर NEET रिफंड प्रक्रिया का गलत फायदा उठा रहा था। वह छात्रों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड हासिल करके उनके अकाउंट तक पहुंच बनाता था।
इसके बाद वह प्रोफाइल में दर्ज बैंक डिटेल्स बदलकर अपने खाते की जानकारी जोड़ देता था। जैसे ही सरकार की ओर से लगभग 1700 रुपये के रिफंड जारी होते, वह रकम छात्रों की बजाय आरोपी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती थी। जांच में यह भी पता चला कि करीब 350 छात्रों के अकाउंट को टारगेट करने की कोशिश की गई थी, जिनमें से कई कमजोर पासवर्ड (जैसे 12345 या जन्मतिथि आधारित) की वजह से असुरक्षित थे।
इसी मामले से जुड़े दूसरे ऑपरेशन में राजस्थान के जयपुर और कोटा से दो आरोपियों को पकड़ा गया है। ये आरोपी टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों को NEET पेपर लीक होने का झांसा देते थे। वे पासवर्ड-प्रोटेक्टेड PDF भेजकर दावा करते थे कि उसमें असली प्रश्नपत्र है। बाद में उस पासवर्ड और “फुल पेपर” के नाम पर पैसे वसूले जाते थे, जबकि असल में यह पूरी तरह फर्जी सामग्री होती थी।