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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: टिन्नू यादव के घर से करोड़ों का सोना और नकदी मिलने की चर्चा, जांच तेज

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से जुड़े कथित घोटाले की जांच के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के ठिकानों पर जांच के दौरान बड़ी मात्रा में […]

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  • June 17, 2026 6:10 pm IST, Published 3 hours ago

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से जुड़े कथित घोटाले की जांच के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के ठिकानों पर जांच के दौरान बड़ी मात्रा में सोना, आभूषण और नकदी बरामद की गई है। हालांकि बरामदगी की आधिकारिक मात्रा को लेकर अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या ट्रस्ट की ओर से विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है।

मामला उस समय सुर्खियों में आया जब राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन को लेकर जांच शुरू हुई। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच टीम लगातार मंदिर परिसर, दान पेटियों की व्यवस्था, बैंक में जमा होने वाली राशि और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, एसआईटी अब तक कई कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच की जा रही है। इसी क्रम में टिन्नू यादव के घर और अन्य ठिकानों की जांच की खबरें सामने आई हैं, जहां से कथित रूप से सोना और अन्य कीमती सामान मिलने की बात कही जा रही है।

वहीं, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और व्यवसाय से संपत्ति अर्जित की है तथा करोड़ों रुपये के गबन या चोरी से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके खिलाफ फैलाई जा रही कई बातें तथ्यहीन हैं और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने मंदिर के चढ़ावे और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर, मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

एसआईटी ने मंदिर परिसर में दान पेटियों से लेकर बैंक में रकम जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज, लेखा-जोखा, कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं की वास्तविकता क्या है और किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है या नहीं।

फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रकरण में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे विवाद से जुड़े सभी तथ्यों पर स्पष्टता आ सके।

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